{"_id":"5728d8364f1c1bb2775cd022","slug":"human-right-commission-sent-the-notice-to-government-in-nit-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"NIT विवाद: मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को भेजा नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
NIT विवाद: मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को भेजा नोटिस
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Tue, 03 May 2016 10:27 PM IST
विज्ञापन
एनआईटी श्रीनगर
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने एनआईटी श्रीनगर में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब देने को कहा है। जम्मू विश्वविद्यालय के लॉ विभाग के कुछ छात्रों ने आयोग को दी गई याचिका में आरोप लगाया है कि गैर कश्मीरी छात्रों के साथ ज्यादती की गई है।
याचिका में कहा गया है कि गैर कश्मीरी छात्र सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उनमें भय बना हुआ है। उन्हें कथित तौर पर राज्य में कैदी बनाकर रखा गया है। अपनी मर्जी से वह एनआईर्टी कैंपस में कुछ भी नहीं कर सकते। गैर कश्मीरी छात्राओं से बलात्कार व छेड़खानी की भी धमकियां दी जा रही हैं।
घटना के समय मीडिया को भी कैंपस के अंदर नहीं जाने दिया गया। गैर कश्मीरी छात्रों को बुरी तरह से पीटा गया। उन पर लाठीचार्ज हुआ। जम्मू कश्मीर पुलिस ने उन पर अत्याचार किए। छात्रों की मुश्किलें बढ़ाईं और कैंपस में दहशत का माहौल तैयार कर दिया, जबकि छात्र सिर्फ क्रिकेट में भारत की जीत की खुशियां मना रहे थे।
विज्ञापन
सभी तर्कों पर गौर करने के बाद आयोग ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किया। याचिका में असलियत जानने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन करने और राज्य सरकार व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई है। याचिका में कहा गया है कि गैर कश्मीरी छात्रों पर हुए अत्याचार के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गैर कश्मीरी छात्रों के सम्मान व सुरक्षा के लिए उपयुक्त कदम उठाए जाएं।
विज्ञापन
याचिका में कहा गया है कि गैर कश्मीरी छात्र सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उनमें भय बना हुआ है। उन्हें कथित तौर पर राज्य में कैदी बनाकर रखा गया है। अपनी मर्जी से वह एनआईर्टी कैंपस में कुछ भी नहीं कर सकते। गैर कश्मीरी छात्राओं से बलात्कार व छेड़खानी की भी धमकियां दी जा रही हैं।
विज्ञापन
घटना के समय मीडिया को भी कैंपस के अंदर नहीं जाने दिया गया। गैर कश्मीरी छात्रों को बुरी तरह से पीटा गया। उन पर लाठीचार्ज हुआ। जम्मू कश्मीर पुलिस ने उन पर अत्याचार किए। छात्रों की मुश्किलें बढ़ाईं और कैंपस में दहशत का माहौल तैयार कर दिया, जबकि छात्र सिर्फ क्रिकेट में भारत की जीत की खुशियां मना रहे थे।
विज्ञापन
सभी तर्कों पर गौर करने के बाद आयोग ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किया। याचिका में असलियत जानने के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन करने और राज्य सरकार व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की गई है। याचिका में कहा गया है कि गैर कश्मीरी छात्रों पर हुए अत्याचार के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। गैर कश्मीरी छात्रों के सम्मान व सुरक्षा के लिए उपयुक्त कदम उठाए जाएं।