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शाह फैसल, मदनी और मंसूर को रिहाई के बाद किया नजरबंद
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श्रीनगर। इसी सप्ताह पीएसए से रिहा किए गए नौकरशाह से राजनेता बने शाह फैसल, पीडीपी नेता सरताज मदनी व पीर मंसूर को घरों पर ही नजर बंद कर दिया गया है। सरकार की ओर से इन सभी नेताओं को घर से नहीं निकलने के लिए कहा गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शाह फैसल को श्रीनगर के जवाहर नगर इलाके में स्थित उनके सरकारी क्वार्टर पर नजरबंद रखा गया है। आवास के बाहर पुलिस भी तैनात कर दी गई है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद गिरफ्तार किए गए लगभग सभी राजनेताओं को रिहाई के बाद नजरबंद रखा गया है।
इसी बुधवार को शाह फैसल, पीर मंसूर और सरताज मदनी से पीएसए हटाया गया था। इन सभी नेताओं को रिहाई के बाद उनके आधिकारिक निवासों में रखा गया है। महबूबा मुफ्ती के चाचा सरताज मदनी ने बताया कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि उन्हें फिर नजरबंद कर दिया गया है। उन्हें दक्षिण कश्मीर के बिजबिहाड़ा स्थित अपने पैतृक गांव जाने की अनुमति नहीं मिली। इसका कारण भी नहीं बताया गया। वहीं इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की तरफ से पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, नेकां के अली मोहम्मद सागर और हिलाल लोन की रिहाई की भी मांग की गई थी।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शाह फैसल को श्रीनगर के जवाहर नगर इलाके में स्थित उनके सरकारी क्वार्टर पर नजरबंद रखा गया है। आवास के बाहर पुलिस भी तैनात कर दी गई है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद गिरफ्तार किए गए लगभग सभी राजनेताओं को रिहाई के बाद नजरबंद रखा गया है।
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इसी बुधवार को शाह फैसल, पीर मंसूर और सरताज मदनी से पीएसए हटाया गया था। इन सभी नेताओं को रिहाई के बाद उनके आधिकारिक निवासों में रखा गया है। महबूबा मुफ्ती के चाचा सरताज मदनी ने बताया कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि उन्हें फिर नजरबंद कर दिया गया है। उन्हें दक्षिण कश्मीर के बिजबिहाड़ा स्थित अपने पैतृक गांव जाने की अनुमति नहीं मिली। इसका कारण भी नहीं बताया गया। वहीं इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और जम्मू कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की तरफ से पीडीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, नेकां के अली मोहम्मद सागर और हिलाल लोन की रिहाई की भी मांग की गई थी।
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