गर्भपात मामले में नर्सिंग होम को सील करने की प्रकिया शुरु
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आठ माह की गर्भवती महिला को गलत इंजेक्शन लेकर गर्भपात कराने वाले जेके मेडिसिटी हॉस्पिटल पर ताला लगने जा रहा है।
छन्नी रामा नरवाल बाईपास जम्मू में स्थापित जेके मेडिसिटी हास्पिटल प्राइवेट लिमिटेड में कल लापरवाही से गर्भवती महिला के पेट में पल रहे आठ माह के बच्चे की मौत पर कड़ा संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य निदेशालय ने नर्सिंग होम का लाइसेंस निलंबित कर दिया है।
निदेशालय ने अगली कार्रवाई तक जिला मजिस्ट्रेट की देखरेख में नर्सिंग होम को सीज करने की सिफारिश की है। स्वास्थ्य निदेशक जम्मू डा. बलजीत सिंह पठानिया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि विभागीय स्तर पर अलग से जांच की जाएगी।
नर्सिंग होम में लापरवाही के साथ गर्भपात के मामले कैसे हो रहे थे।
डाक्टर और स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज
स्वास्थ्य निदेशालय के आदेश में गर्भपात के मामले को लेकर जेएंडके नर्सिंग होम्स एंड क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड लाइसेंसिंग) एक्ट में कई सेक्शनों में उल्लंघन पाया गया है, जिसके तहत निजी नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
होम का रजिस्ट्रेशन 5-5-2012 को हुआ था और यह 31-3-2016 तक वैध था। इस मामले में पुलिस ने पहले ही ड्यूटी पर तैनात एक डाक्टर और दो पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
स्वास्थ्य निदेशक के अनुसार इस मामले को गंभीरता से लिया गया है।
फ्ल्यूड कह कर गलत इंजेक्शन दिए
विभागीय जांच में पता लगाया जाएगा कि लापरवाही के साथ किस स्तर पर गर्भपात के मामले हो रहे थे। सोमवार को नर्सिंग होम को सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि इस मामले में होम में लापरवाही से गर्भपात करवाने के दौरान दूसरी गर्भवती राजोरी निवासी स्तुति शर्मा को गलत इंजेक्शन दे दिए गए थे, जिससे उसके पेट में पल रहे आठ माह के बच्चे की मौत हो गई।
घरवालों का आरोप है कि बार-बार महिला को सामान्य फ्ल्यूड चढ़ाने की बात कहने के बावजूद उसे गर्भपात के इंजेक्शन दे दिए गए।