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जम्मू-कश्मीर: राज्य में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए जमीनी हालात की रिपोर्ट तलब
Tue, 25 Dec 2018 03:21 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Tue, 25 Dec 2018 03:21 PM IST
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जम्मू-कश्मीर में लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव के लिए प्रशासनिक तैयारियां और तेज कर दी गई हैं। सरकार की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए राज्य तथा संभागीय स्तरीय दो कमेटियों का गठन किया गया है। दोनों कमेटियों को 31 जनवरी तक रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसमें जमीनी स्तर पर हालात तथा सुरक्षा स्थिति का आकलन भी शामिल है। इससे पहले सभी जिलों से आरओ तथा एआरओ की सूची तलब की गई थी।
राज्य स्तरीय समिति के चेयरमैन गृह विभाग के प्रमुख सचिव होंगे। इसमें डीजीपी, परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव, फाइनेंशियल कमिशनर रेवन्यू, कमिश्नर सेक्रेटरी रेवन्यू, एडीजीपी (सीआईडी), डिवकाम जम्मू व कश्मीर को सदस्य के रूप में रखा गया है। समिति को दायित्व सौंपा गया है कि वह चुनाव के लिए जरूरतों को चिह्नित करे। साथ ही संभागीय स्तर पर प्राप्त इनपुट के आधार पर विकल्पों पर विचार करे।
जमीनी स्तर पर हालात, सुरक्षा की स्थिति, कार्मिकों, उपकरणों व अन्य जरूरतों का आकलन कर अपनी रिपोर्ट दे। संभागीय स्तर पर जम्मू व कश्मीर के डिवकाम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें संबंधित आईजी को सदस्य के रूप में रखा गया है। इस कमेटी को दायित्व सौंपा गया है कि वह कर्मचारियों, सुरक्षा, परिवहन, उपकरण तथा अन्य जरूरतों का आकलन करे।
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साथ ही यदि किसी प्रकार की दिक्कत हो तो उसे चिह्नित कर अपनी रिपोर्ट राज्य स्तरीय कमेटी को सौंपे। सामान्य प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संभागीय स्तर की समिति 15 जनवरी और राज्य स्तरीय समिति 31 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट सौंपे।
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राज्य स्तरीय समिति के चेयरमैन गृह विभाग के प्रमुख सचिव होंगे। इसमें डीजीपी, परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव, फाइनेंशियल कमिशनर रेवन्यू, कमिश्नर सेक्रेटरी रेवन्यू, एडीजीपी (सीआईडी), डिवकाम जम्मू व कश्मीर को सदस्य के रूप में रखा गया है। समिति को दायित्व सौंपा गया है कि वह चुनाव के लिए जरूरतों को चिह्नित करे। साथ ही संभागीय स्तर पर प्राप्त इनपुट के आधार पर विकल्पों पर विचार करे।
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जमीनी स्तर पर हालात, सुरक्षा की स्थिति, कार्मिकों, उपकरणों व अन्य जरूरतों का आकलन कर अपनी रिपोर्ट दे। संभागीय स्तर पर जम्मू व कश्मीर के डिवकाम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। इसमें संबंधित आईजी को सदस्य के रूप में रखा गया है। इस कमेटी को दायित्व सौंपा गया है कि वह कर्मचारियों, सुरक्षा, परिवहन, उपकरण तथा अन्य जरूरतों का आकलन करे।
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साथ ही यदि किसी प्रकार की दिक्कत हो तो उसे चिह्नित कर अपनी रिपोर्ट राज्य स्तरीय कमेटी को सौंपे। सामान्य प्रशासन की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि संभागीय स्तर की समिति 15 जनवरी और राज्य स्तरीय समिति 31 जनवरी तक अपनी रिपोर्ट सौंपे।
छह महीने के भीतर चुनाव कराने की बाध्यता
राष्ट्रपति शासन लागू होने के छह महीने के भीतर राज्य में विधानसभा चुनाव कराने की संवैधानिक बाध्यता है। यह समय सीमा 19 जून को समाप्त होगी। इसके पहले चुनाव करा लिए जाने चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से भी मई से पहले चुनाव कराने की वकालत की गई है। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ निहित स्वार्थी तत्व चुनाव को टालने में लगे हुए हैं।
इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया था कि मई तक चुनाव करा लिए जाने चाहिए। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह भी कयास लगाए जा रहे है कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव साथ-साथ कराए जा सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि आयोग पर यह निर्भर है कि वह चुनाव साथ-साथ कराए या फिर लोकसभा चुनाव के बाद या पहले।
इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया था कि मई तक चुनाव करा लिए जाने चाहिए। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह भी कयास लगाए जा रहे है कि लोकसभा व विधानसभा चुनाव साथ-साथ कराए जा सकते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि आयोग पर यह निर्भर है कि वह चुनाव साथ-साथ कराए या फिर लोकसभा चुनाव के बाद या पहले।