Amit Shah Rajouri Rally: राजोरी में शाह की बड़ी घोषणा, पहाड़ी-गुज्जर और बकरवाल को आरक्षण देने की तैयारी
अमित शाह ने राजोरी में जनसभा में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुज्जर, बकरवार और पहाड़ी समुदाय को आरक्षण दिए जाने की तैयारी है। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले 75 साल में प्रदेश में 15 हजार करोड़ का औद्योगिक निवेश आया है, जबकि तीन साल में 56 हजार करोड़ का निवेश आया है।
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राजोरी में जनसभा में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि गुज्जर, बकरवाल और पहाड़ी समुदाय को आरक्षण दिए जाने की तैयारी है। इसे लेकर कमीशन ने अपनी सिफारिशें भेज दी हैं। साथ ही उन्होंने विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा।
गृहमंत्री ने कहा कि पहले सिर्फ प्रदेश में तीन परिवारों तक ही लोकतंत्र सीमित था, लेकिन अब इसमें तीन हजार से अधिक लोग सीधे शामिल हुए हैं। यहां पंचायतों तक लोकतंत्र पहुंचा है। इससे पहले उन्होंने पवित्र गुफा में पूजा-अर्चना की और मां भगवती से शांति और समृद्धि की कामना की। राजोरी में जनसभा में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग पहुंचे।
जनसभा में क्या बोले अमित शाह-
- जम्मू-कश्मीर में तीन परिवारों ने भ्रष्टाचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।
- 2014 में सरकार बनाने का बाद पीएम मोदी ने सबसे पहले जम्मू-कश्मीर में पंचायत के चुनाव कराए।
- पहले सिर्फ तीन परिवार के पास था, आज 30 हजार के पास जम्मू-कश्मीर का शासन आया है।
- आज पीएम मोदी पूरे जम्मू-कश्मीर के 27 लाख परिवारों को पांच लाख तक का स्वास्थ्य का पूरा खर्च उठा रहे हैं।
- प्रधानमंत्री ने 5 अगस्त 2019 को एक महत्वपूर्ण फैसला दिया, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35A को उखाड़ कर फेक दिया।
- अगर अनुच्छेद 370 और 35A नहीं हटता तो जम्मू-कश्मीर में ट्राइबल रिजर्वेशन नहीं मिलता।
- धारा 370 हटाने से पिछड़े, दलित, आदिवासी, पहाड़ियों को उनका अधिकार मिला।
- सफाई कर्मचारियों के पास कोई अधिकार नहीं था। अब उन्हें उनका हक मिला है।
- यहां पर एससी/एसटी एट्रोसिटी एक्ट नहीं था, जो अब जाकर मिला है।
- महिलाओं को भी उनका अधिकार मिला है
- पहले जो परिसीमन हुआ तो सिर्फ तीन परिवारों के फायदे के लिए, लेकिन इस बार आम जनता के लिए परिसीमन हुआ
- सालों से लखनपूर में टोल टैक्स का बूथ लगा था, जिसे अब हटा दिया गया है। इसे समाप्त करके महंगाई को काबू में करने का काम किया है।
- पहले आए दिन पथराव की घटना होती थी। अब युवाओं के हाथ से पत्थर लेकर लैपटॉप दिए गए हैं।
- वो कहते थे धारा 370 हटाएंगे तो खून की नदियां बहेंगे, लेकिन आज की जनसभा उनको करारा जवाब है।
- पिछले 75 साल में 15 हजार करोड़ का औद्योगिक निवेश आया है, जबकि तीन साल में 56 हजार करोड़ का निवेश आया है।
- जस्टिस जीडी शर्मा का कमीशन बना है। पहाड़ी, गुज्जर और बकरवाल को आरक्षण देने की सिफारिश की गई है। प्रधानमंत्री मोदी का मन है कि प्रशासनिक कार्य पूरा कर इस सिफारिश को जल्द से जल्द लागू किया जाए। गुज्जर, बकरवाल और पहाड़ियों को आरक्षण मिलेगा।
- कुछ लोग नहीं चाहते कि इस क्षेत्र में शांति बनी रहे। उन्होंने गुज्जर-बकरवाल को उकसाना शुरू कर दिया कि पहाड़ी समुदाय के आने से उनका हिस्सा कम हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'मैं कहता हूं, पहाड़ी भी आएंगे और गुज्जर-बकरवाल का हिस्सा कम नहीं होगा।'
रैली के बाद अमित शाह के तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर बाद करीब चार बजे कनाल रोड स्थित कनवेंशन सेंटर में विभिन्न योजनाओं की ई-लांचिंग एवं ई-उद्घाटन करेंगे। सबसे पहले अमित शाह राजस्व विभाग की ओर से तैयार लैंड पासबुक का वितरण करेंगे। इसके बाद अमित शाह प्रशासनिक कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए जनता से जुड़ी 225 आनलाइन सेवाओं को लांच करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने एवं सहकारिता को बल देने के उद्देश्य से तैयार एक हजार सहकारिता समितियों को भी अमित शाह लांच करेंगे। इसके अलावा अमित शाह अपने इस कार्यक्रम में डिस्ट्रक्ट गुड गवर्नेंस इंडेक्स 2021-22 के दूसरे एडिशन को लांच करेंगे।
अमित शाह आज शाम को जल जीवन मिशन के तहत 41 जल सप्लाई योजनाओं, 920.72 किलोमीटर लंबाई की 128 सड़कों तथा दस पावर डिस्ट्रीब्यूशन एवं ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट की ई-आधारशिला भी रखेंगे। अमित शाह इस दौरान 14 शहरी विकास योजनाओं, 269.41 किलोमीटर लंबी 48 सड़कों, आठ पुलों तथा दस ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट का ई-उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, सांसद जुगल किशोर शर्मा के अलावा भाजपा नेता, प्रशासनिक अधिकारी, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
गृहमंत्री शाह बुधवार (05 अक्टूबर) को दशहरे पर कश्मीर के बारामुला में जनसभा को संबोधित करेंगे। श्रीनगर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में नागरिक प्रशासन, पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और जम्मू-कश्मीर और केंद्र की खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। गृहमंत्री भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति और पार्टी मामलों पर चर्चा करेंगे। गृहमंत्री शाह पांच अक्टूबर की शाम नई दिल्ली लौट जाएंगे।
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