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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Highest number of dengue cases in Jammu Kashmir after twenty years

Jammu Kashmir: प्रदेश में बीस साल बाद डेंगू के सबसे ज्यादा मामले, इनमें 87 प्रतिशत सिर्फ जम्मू जिले से

Sat, 08 Oct 2022 01:48 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Sat, 08 Oct 2022 01:48 AM IST
सार

डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए लोग अपने घर और आसपास के क्षेत्र में पानी जमा न होने दें। जीएमसी जम्मू के मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. फैयाज अहमद वानी के मुताबिक रोज 10 से 12 डेंगू मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।

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Highest number of dengue cases in Jammu Kashmir after twenty years
जम्मू में फागिंग करते कर्मचारी - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में दो दशक बाद डेंगू के रिकार्ड मामले सामने आए हैं। इसमें कुल मामलों में 87 प्रतिशत सिर्फ जम्मू जिला से हैं। इनमें जम्मू शहर के ही दर्जनों इलाके प्रभावित हैं। इससे साफ है कि मानसून से पहले मच्छरों के सफाये के लिए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के इंतजाम के दावे हवाई थे।

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उधर, डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू से बचाव के लिए लोग अपने घर और आसपास के क्षेत्र में पानी जमा न होने दें। जीएमसी जम्मू के मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. फैयाज अहमद वानी कहते हैं कि विभाग में दैनिक 10 से 12 डेंगू के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।
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इन मरीजों को तेज बुखार के साथ अन्य शारीरिक समस्याएं हैं। उनके अनुसार लोगों को डेंगू को लेकर खुद जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। शहर के कई इलाकों में डेंगू के मामले मिल रहे हैं, जिससे साफ है कि वहां कहीं न कहीं पानी जमा है, जो लारवा पैदा करने में मदद कर रहा है।

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प्रदेश में रोजाना मिल रहे 60-70 मामले 

प्रदेश में रोजाना 60-70 नए मामले मिल रहे हैं। इनमें जिला जम्मू सबसे अधिक प्रभावित है। मानसून के बाद अब तक जम्मू में 1853 डेंगू के मामले मिल चुके हैं, जिसमें लगभग मामले जिला जम्मू से हैं। पूरे जम्मू-कश्मीर में 2139 मामले अब तक मिल चुके हैं।


अभी आधिकारिक तौर पर डेंगू से किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। वर्ष 2021 में 1709 डेंगू के मामले मिले थे, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले वर्ष 2013 में रिकार्ड 1838 डेंगू के मामले मिले थे। इस साल भी चार लोगों की मौत हुई थी। डेंगू के उपचार के लिए बड़ी संख्या में पीड़ित निजी अस्पतालों का भी रुख कर रहे हैं।

कई घरों में अभी तक कूलर को नहीं किया ड्राई 

 पुराने शहर का न्यू प्लॉट, सुभाष नगर, पलौड़ा, रिहाड़ी, सरवाल, जानीपुर, तालाब तिल्लो, छन्नी सहित अन्य कई इलाके प्रभावित हैं। तापमान में गिरावट के साथ अधिकांश जगहों पर कूलर बंद हो गए हैं, लेकिन कई लोगों ने अभी भी घरों में कूलर को ड्राई नहीं किया है, जिससे बंद कूलरों में जमा पानी में मच्छर पैदा हो रहा है।



इसी तरह हो सकता है कि प्रभावित क्षेत्रों में कहीं खुली टंकी, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे बर्तन, डिस्पोजल आइटम आदि में पानी जमा होने के कारण लारवा पैदा होने में मदद मिल रही है, जिसे तुरंत ड्राई करना जरूरी है। डेंगू के लक्षण मिलने पर अस्पताल में डाक्टर से संपर्क करें। 

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