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हाईकोर्ट का आदेश: फारूक के देश विरोधी भाषण पर एसएसपी श्रीनगर चार हफ्तों के भीतर जवाब दें 

Wed, 17 Nov 2021 10:09 AM IST
विमल शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Wed, 17 Nov 2021 10:09 AM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के देश विरोधी भाषण मामले पर उच्च न्यायालय ने श्रीनगर के एसएसपी और नगीन थाने के एसएचओ को आखिरी मौका देते हुए अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। चार हफ्तों के भीतर रिपोर्ट पेश करनी होगी।

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High Court order on Farooq's anti-national speech, SSP Srinagar should reply within four weeks
फारूक अब्दुल्ला (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram/dr.farooqabdullah

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला के देश विरोधी भाषण मामले पर उच्च न्यायालय ने श्रीनगर के एसएसपी और नगीन थाने के एसएचओ को आखिरी मौका देते हुए अपनी रिपोर्ट पेश करने को कहा है। चार हफ्तों के भीतर रिपोर्ट पेश करनी होगी। सामाजिक कार्यकर्ता सुकेश खजुरिया ने फारूक के खिलाफ शिकायत की थी कि उन्होंने शेख अब्दुल्ला की 111वीं जयंती पर देश के खिलाफ भाषण दिया था। साथ ही उन्होंने 2017 में नेशनल कांफ्रेंस के पूर्व सचिव शेख नजीर की दूसरी पुण्यतिथि पर भी देश के खिलाफ भाषण दिया। लिहाजा इसे लेकर फारूक पर केस दर्ज होना चाहिए।

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न्यायाधीश मोहम्मद अकरम ने मंगलवार को इसे लेकर मामले पर सुनवाई में कहा कि पुलिस इस मामले में गंभीर नहीं दिखाई दे रही है। इसे लटकाया जा रहा है। ऐसे में यह अंतिम मौका दिया जा रहा है कि वह इसे लेकर अपना पक्ष स्पष्ट करें। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए सरकारी दलील के बाद कहा कि वह अनिच्छा से अंतिम मौका दे रहे हैं। अब इस मामले पर 20 दिसंबर को फिर से सुनवाई होगी। इस मामले की शुुरूआती जांच के आदेश दिए गए थे। लेकिन अभी तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। फारूक के खिलाफ न्यायालय में उनके भाषण का वीडियो और अखबारों में छपी खबरों की कतरनें भी जमा करवाई गई थीं।  
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दो पर पीएसए बरकरार
उच्च न्यायालय ने दो लोगों पर लगे पीएसए को बरकरार रखा है। कुपवाड़ा जिला उपायुक्त की ओर से नजीर अहमद वानी और बशीर अहमद वानी पर पीएसए लगाया गया है। दोनों ने इस आदेश को न्यायालय में चुनौती दी थी। न्यायाधीश संजय धर ने मंगलवार को इनकी याचिका पर सुनवाई की और कहा कि पीएसए हटाने का याचिका में कोई आधार नजर नहीं आता। लिहाजा इन पर लगा पीएसए जारी रहेगा। 
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ताराचंद की लद्दाख प्रतिनियुक्ति पर रोक से इंकार
भेड़ पालन विभाग के संयुक्त निदेशक ताराचंद को लद्दाख में प्रतिनियुक्ति पर भेजने के आदेश पर रोक लगाने से न्यायालय ने इंकार कर दिया है। तारा चंद ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में याचिका दायर की थी। राकेश सागर जैन और आनंद माथुर वाली पीठ ने मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई की। कहा कि ताराचंद प्रभारी संयुक्त निदेशक थे। उनको अपने कार्यभार से मुक्त कर वहां भेजा गया है। उनके लद्दाख जाने को लेकर जारी आदेेश पर रोक लगाने का फिलहाल कोई आधार नजर नहीं आ रहा है। 

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