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हाईकोर्ट ने अंडर ट्रायल कैदियों की मांगी रिपोर्ट

Mon, 08 Feb 2016 11:30 PM IST
Updated Mon, 08 Feb 2016 11:30 PM IST
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HC seeks report of the Under-trial prisoners

हाईकोर्ट ने सभी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीशों से रियासत की विभिन्न जेलों में कैद अंडर ट्रायल कैदियों की रिपोर्ट मांगी है। यह आदेश देश के मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर की ‘फाइव प्लस जीरो’ पहल के तहत दिया गया है।

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इस योजना के तहत पांच साल से ज्यादा समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा ताकि उनमें निर्णय सुनिश्चित किया जा सके। आगामी 22 से 24 अप्रैल तक होने वाली चीफ जस्टिस कांफ्रेंस 2016 के प्रस्तावित एजेंडे में भी ‘परीक्षण के तहत कैदियों के मामलों की प्रगति पर नजर रखने के लिए तंत्र की निगरानी’ एक मुद्दा होगा।
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इसी क्रम में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल एमके हंजूरा ने रियासत के तमाम जजों से अंडर ट्रायल कैदियों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

सीजेआई ने किशोर न्याय प्रणाली को भी मजबूत करने के सुझाव दिए

HC seeks report of the Under-trial prisoners
इस कवायद के बिंदुओं में समाज के वंचित वर्गों को त्वरित न्याय दिलाना है। साथ ही विकलांगों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों की तेजी से सुनवाई और भ्रष्टाचार के मामलों में जल्द फैसला करना शामिल है।

मिली जानकारी के अनुसार देश के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने हाईकोर्ट को लिखे पत्र में कहा कि वह हाईकोर्ट के सभी जजों के अलावा जिला जजों के साथ मुद्दे पर चर्चा करें और ‘न्याय के विषय में प्रशासन’ पर प्रस्तावित अन्य मुद्दों को तीन सप्ताह के अंदर जोड़ें।

सीजेआई ने किशोर न्याय प्रणाली को भी और मजबूत करने के सुझाव दिए हैं। इसके लिए नए किशोर घरों के निर्माण के अलावा उसके काम को सुनिश्चित करने को भी कहा है।
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