{"_id":"61bb89a013fe7f731d0e9d4b","slug":"hawan-reasi-news-jmu2499695133","type":"story","status":"publish","title_hn":"यज्ञशाला की परिक्रमा कर लोग बन रहे पुण्य के भागीदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यज्ञशाला की परिक्रमा कर लोग बन रहे पुण्य के भागीदार
विज्ञापन
पौनी में जारी अति महा विष्णु यज्ञ में परिक्रमा करती हुई महिलाएं।
- फोटो : REASI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौनी। नगर में बनी यज्ञशाला में वीरवार को लगातार सातवें दिन श्री अति महाविष्णु महायज्ञ जारी रहा। बाल संत श्री योगेश्वर दास जी महाराज के सानिध्य में कराए जा रहे यज्ञ में कोरोना नियमों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जिसके कारण श्रद्धालु काफी कम पहुंच रहे हैं।
9 दिसंबर से जारी यज्ञ में किसी भी श्रद्धालु को हवन में बैठने की अनुमति नहीं है। पहले दिन से ही सिर्फ प्रधान कुंड में ही अग्नि प्रज्ज्वलित कर आहुति दी जा रही है। स्थानीय लोग यज्ञ स्थल पर माथ टेकने पहुंच रहे हैं। इस दौरान लोग यज्ञशाला की परिक्रमण कर पुण्य का भागीदार बन रहे हैं। वीरवार को भी महिलाएं व युवतियां यज्ञशाला की परिक्रमा करने पहुंचीं।
बताया जा रहा है कि रविवार को यज्ञ के अंतिम दिन यज्ञशाला में बनाए गए सभी 160 हवन कुंडों को प्रज्ज्वलित किया जाएगा, जहां सभी लोग मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां देंगे। इसी दौरान पूर्णाहुति देकर यज्ञ का समापन होगा। आने वाले लोगों से कोरोना व्यवहार बनाए रखने और मास्क पहन कर आने को कहा गया है। वीरवार शाम को यज्ञ स्थल पर भजन कीर्तन का कार्यक्रम भी किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
9 दिसंबर से जारी यज्ञ में किसी भी श्रद्धालु को हवन में बैठने की अनुमति नहीं है। पहले दिन से ही सिर्फ प्रधान कुंड में ही अग्नि प्रज्ज्वलित कर आहुति दी जा रही है। स्थानीय लोग यज्ञ स्थल पर माथ टेकने पहुंच रहे हैं। इस दौरान लोग यज्ञशाला की परिक्रमण कर पुण्य का भागीदार बन रहे हैं। वीरवार को भी महिलाएं व युवतियां यज्ञशाला की परिक्रमा करने पहुंचीं।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि रविवार को यज्ञ के अंतिम दिन यज्ञशाला में बनाए गए सभी 160 हवन कुंडों को प्रज्ज्वलित किया जाएगा, जहां सभी लोग मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां देंगे। इसी दौरान पूर्णाहुति देकर यज्ञ का समापन होगा। आने वाले लोगों से कोरोना व्यवहार बनाए रखने और मास्क पहन कर आने को कहा गया है। वीरवार शाम को यज्ञ स्थल पर भजन कीर्तन का कार्यक्रम भी किया गया।
विज्ञापन