फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   guwahati and srinagar have highest risk of earthquake

भूकंप आया तो 36 शहरों में मच जाएगी तबाही

Wed, 29 Apr 2015 11:46 PM IST
Updated Wed, 29 Apr 2015 11:46 PM IST
विज्ञापन
guwahati and srinagar have highest risk of earthquake

अगर भारत में नेपाल जैसा भूकंप आया तो भारत के कई शहरों में नेपाल से ज्यादा तबाही होगी। गुवाहाटी और श्रीनगर में भूकंप के बाद भारी तबाही होने का सर्वाधिक खतरा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत के 36 और शहर भूकंप प्रभावित क्षेत्र में पड़ते हैं।

विज्ञापन


गुवाहाटी और श्रीनगर भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा जारी भूकंप क्षेत्र मानचित्र के मुताबिक सर्वाधिक तीव्र भूकंप की संभावना वाले भूकंप क्षेत्र-5 में पड़ते हैं। दिल्ली सहित देश के आठ शहर तीव्र भूकंपीय क्षेत्र-4 में पड़ते हैं।
विज्ञापन


अन्य 30 शहर मध्यम तीव्रता क्षेत्र या भूकंप क्षेत्र-3 में पड़ते हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की रिपोर्ट में कहा गया है, 'भारत में कई घनी आबादी वाले शहर तीव्र भूकंपीय क्षेत्र में पड़ते हैं। इन शहरों की अधिकतर इमारतें भूकंप रोधी नहीं हैं। इसलिए इन शहरों में से किसी में भी भूकंप आने पर व्यापक त्रासदी हो सकती है।'
विज्ञापन
विज्ञापन


नेपाल में आए भूकंप में 4000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन के आंकड़े भारत के लिए एक चेतावनी हैं।

इसल‌िए आ रहे है व‌िनाशकरी भूकंप

guwahati and srinagar have highest risk of earthquake

करीब पांच करोड़ साल पहले भारतीय भूखंड गोंडवाना नामक एक विशाल महाद्वीप से अलग हो गया था। आज भी छत्तीसगढ़ के लिए गोंडवाना शब्द का प्रयोग किया जाता है।

गोंडवाना महाद्वीप से अलग होने के बाद भारतीय भूखंड यूरेशियाई मुख्य भूमि से टकरा गया, जिसके दबाव से हिमालय की उत्पत्ति हुई। धरती के सभी भूखंड एक प्लेट पर टिके हुए हैं और ये प्लेट धरती के केंद्रीय परत पर तैरते हैं।

भारतीय प्लेट लगातार यूरेशियाई प्लेट पर दबाव डाल रहा है, जिसके कारण हिमालय और उत्तर भारत में भूकंप की काफी अधिक संभावना पैदा होती है। भारत पूर्वोत्तर को प्रति वर्ष लगभग पांच सेंटीमीटर एशिया में धकेल रहा है, जिसके कारण तनाव पैदा होता है और भूकंप आते रहते हैं। भूकंप प्रभावित क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है, लेकिन भूकंप की भविष्यवाणी करना असंभव है।

भारत और विदेश में कई सेंसर प्लेट की गतिविधियों पर नजर रखते हैं, लेकिन भूकंप की भविष्यवाणी करना कठिन है। वैज्ञानिक सिर्फ भूकंप से संबंधित आंकड़े ही जुटा सकते हैं।

क‌िस भूकंप जोन में आता है आपका राज्य

guwahati and srinagar have highest risk of earthquake

भारत में गुजरात और उत्तर प्रदेश दोनों ही राज्यों में छह-छह शहर भूकंप प्रभावित क्षेत्र में आते हैं। दोनों ही राज्यों के एक-एक शहर भूकंप क्षेत्र-4 में और पांच-पांच शहर भूकंप क्षेत्र-3 में पड़ते हैं। इसके बाद महाराष्ट्र के चार शहर भूकंप क्षेत्र-3 में पड़ते हैं।

विभिन्न आंकड़ों पर आधारित भारतीय मानक ब्यूरो (आईएस-1893-भाग-1: 2002) में भारत को चार भूकंपीय क्षेत्र 2, 3, 4 और 5 में बांटा गया है। देश में 42 डिजिटल सिस्मोग्राफ स्टेशन हैं, जो भूकंप की तीव्रता को मापते हैं और भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

इनका संचालन पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा किया जाता है। 2015-16 में 78 नए डिजिटल सिस्मोग्राफ स्टेशनों की स्थापना की जानी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed