राज्यपाल के सत्ता संभालते ही हुए फेरबदल
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रियासत में राज्यपाल शासन लागू होने के बाद शनिवार को राज्यपाल एनएन वोहरा ने विधिवत राजकाज संभाला। उन्होंने राज्य में कानून व्यवस्था का राज स्थापित करने के लिए सचिवों तथा पुलिस प्रमुख के साथ बैठक कर आवश्यक कदम उठाए। साफ तौर पर हिदायत दी कि सरकार न होने की स्थिति में जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। हर हाल में जनाकांक्षाओं की पूर्ति होनी चाहिए।
वोहरा सुबह ही सचिवालय पहुंच गए। उन्होंने सचिवों के साथ बैठक में प्राथमिकताएं गिनाईं। कहा कि अवाम को कतई यह नहीं लगना चाहिए कि रियासत में सरकार नहीं है। हर समस्या का तय समय सीमा में समाधान करना है।
किसी को समस्या समाधान के लिए परेशान न होना पड़े। राज्य कर्मचारियों के बकाये वेतन का भुगतान करने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। अगले वित्तीय वर्ष का बजट तैयार करने की भी हिदायत दी।
उन्होंने सर्दी के मौसम का हवाला देते हुए बाढ़ पीड़ितों के राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता पर करने को कहा ताकि उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े। पुलिस प्रमुख के राजेंद्रा के साथ बैठक कर उन्हें भी राज्य में कानून व्यवस्था चुस्त दुरुस्त रखने को कहा। हर छोटे बड़े मामले में सख्ती से निपटने की हिदायत दी।
अधिकारियों के कार्य क्षेत्र में फेरबदल
राज्यपाल शासन लागू होते ही वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के कार्य क्षेत्र में फेरबदल किया गया है। आईएएस अफसर प्रदीप कुमार त्रिपाठी को राज्यपाल का प्रमुख सचिव बनाया गया है। अब तक इनके पास इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट के डीजी एवं उच्च शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव की जिम्मेदारी थी।
वित्त सचिव भारत भूषण व्यास को प्रशासनिक सचिव, सूचना विभाग, प्रोटोकाल, एस्टेट विभाग तथा नागरिक उड्डयन विभाग का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।
इसके साथ ही जनरल एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के सचिव मोहम्मद अशरफ बुखारी को इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन एंड रूरल डेवलपमेंट के डीजी एवं उच्च शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है।