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कश्मीर घाटी में अमन के लिए सरकार ने अलगाववादियों से भी मांगा सहयोग
amarujala.com- Presented by: आशुतोष तिवारी
Updated Tue, 18 Apr 2017 08:28 PM IST
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती
- फोटो : File Photo
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मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की सरकार ने कश्मीर में अमन बहाली के लिए अलगाववादियों से भी सहयोग मांगा है। घाटी में बिगड़ रहे हालात के मद्देनजर कैबिनेट की आपात बैठक में स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई।
महबूबा की अध्यक्षता में हुई बैठक में घाटी के सभी सियासी विचारधारा से जुड़े लोगों और संगठनों से शांति बहाली में मदद की अपील की गई। सभी सियासी विचारधाराओं के दायरे में अलगाववादियों को भी माना जाता रहा है। घाटी में विभिन्न स्थानों पर छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शनों को सरकार ने गंभीरता से लिया है।
कैबिनेट ने घाटी में कानून-व्यवस्था की स्थिति से निबटने के दौरान हुए जानी नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। मंत्रिमंडल ने राज्य प्रशासन को स्थिति से प्रभावी रूप से निपटने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का भी निर्देश दिया।
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कैबिनेट ने शासन -प्रशासन को यह भी निर्देश दिए हैं कि कानून व्यवस्था को बहाल करने की कोशिशों के दौरान सामान्य जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं पहुंचाई जाए। राज्य प्रशासन को अवाम की शिकायतों का निवारण को भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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महबूबा की अध्यक्षता में हुई बैठक में घाटी के सभी सियासी विचारधारा से जुड़े लोगों और संगठनों से शांति बहाली में मदद की अपील की गई। सभी सियासी विचारधाराओं के दायरे में अलगाववादियों को भी माना जाता रहा है। घाटी में विभिन्न स्थानों पर छात्रों के हिंसक विरोध प्रदर्शनों को सरकार ने गंभीरता से लिया है।
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कैबिनेट ने घाटी में कानून-व्यवस्था की स्थिति से निबटने के दौरान हुए जानी नुकसान पर गहरी चिंता जताई है। मंत्रिमंडल ने राज्य प्रशासन को स्थिति से प्रभावी रूप से निपटने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने का भी निर्देश दिया।
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कैबिनेट ने शासन -प्रशासन को यह भी निर्देश दिए हैं कि कानून व्यवस्था को बहाल करने की कोशिशों के दौरान सामान्य जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं पहुंचाई जाए। राज्य प्रशासन को अवाम की शिकायतों का निवारण को भी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
महबूबा ने डीजीपी से ली हालात पर रिपोर्ट
महबूबा मुफ्ती
- फोटो : PTI
मंत्रिमंडल ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को कानून और व्यवस्था की स्थिति को संभालने के दौरान अधिकतम संयम बरतने का निर्देश दिया ताकि कम से कम जानी नुकसान हो सके। मंत्रिमंडल ने सिविल सोसाइटी और अभिभावकों से अपील है कि वे युवाओं की काउंसिलिंग करें और उन्हें हिंसक विरोध प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह देने दें।
काउंसिलिंग में यह भी बताने को कहा गया कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अधिकतम संयम बरतने के बावजूद कभी-कभी कार्रवाई घातक परिणाम पैदा कर सकती है। बैठक में उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह किसी पारिवारिक समारोह में व्यस्त होने की वजह से शामिल नहीं हो पाए।
लगभग एक घंटे तक चली कैबिनेट की बैठक में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के अलावा अन्य किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। पुलिस तथा प्रशासन में फेरबदल पर कोई फैसला नहीं हो सका। माना जा रहा है कि दरबार मूव से पहले कैबिनेट की एक और बैठक बुलाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कैबिनेट की बैठक से पहले डीजीपी एस पी वैद के साथ बैठक कर हालालत का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने डीजीपी से घाटी में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। बाद में डीजीपी की रिपोर्ट पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई।
काउंसिलिंग में यह भी बताने को कहा गया कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अधिकतम संयम बरतने के बावजूद कभी-कभी कार्रवाई घातक परिणाम पैदा कर सकती है। बैठक में उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह किसी पारिवारिक समारोह में व्यस्त होने की वजह से शामिल नहीं हो पाए।
लगभग एक घंटे तक चली कैबिनेट की बैठक में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के अलावा अन्य किसी मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। पुलिस तथा प्रशासन में फेरबदल पर कोई फैसला नहीं हो सका। माना जा रहा है कि दरबार मूव से पहले कैबिनेट की एक और बैठक बुलाई जा सकती है।
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कैबिनेट की बैठक से पहले डीजीपी एस पी वैद के साथ बैठक कर हालालत का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने डीजीपी से घाटी में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा की। बाद में डीजीपी की रिपोर्ट पर भी कैबिनेट में चर्चा की गई।