अमरनाथ में पानी की कीमत सुनकर चौंक जाएंगे आप
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राज्य सरकार और अमरनाथ श्राइन बोर्ड द्वारा श्रद्धालुओं को मूलभूल सुविधाएं मुहैया न करवाने के कारण स्थानीय लोग इसका फायदा उठा रहे हैं। अमरनाथ में इस समय भी तापमान काफी नीचे रहता है।
पंजतरणी और शिवगुफा में ठंड का प्रकोप अधिक होने पर स्थानीय कुछ लोग इस लाभ उठा करके एक लीटर गर्म पानी को बोतल दस से बीस रूपए शौचालय के लिए नहाने के लिए पांच लीटर पानी 50 से 100 रूपए के बीच बेच रहे है।
रात के सामय भी प्रशासन द्वारा को कोई व्यवस्था ना किए जाने के कारण श्रद्धालुओं को टैंटी में सोने के लिए दो सौ से एक हजार रूपए एक व्यक्ति से किराया वसूल रहे।
वहीं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित घोडे़, पालकी का किराया भी मालिक श्रद्धालुओं से अधिक वसूल रहे है जबकि प्रशासन द्वारा अंकुश लगाने हेतु कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।
आधार शिविर जम्मू से पवित्र गुफा तक लगे हैं लंगर
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए देशभर से प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु बालटाल और पहलगाम मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। वहीं राज्य सरकार एवं प्रशासन को श्रद्धालुओं की हर संभव सुविधाएं देने का प्रयास कर रहा है।
देशभर से आए विभिन्न निजी सामाजिक संस्थाओं ने श्रद्धालुओं के लिए फ्री, खाने रहने, दवाईयों और लंगर की व्यवस्था की है।
जिसमें आधार शिविर जम्मू से पवित्र गुफा तक मार्ग पर बड़ी संख्या में लंगर स्थापित किए गए है जो रोज सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं को चाय, दोपहर और रात का खाने की व्यवस्था कर रहा है।
लंगर पर दो महीनों में खर्च हो जाते है करोड़ों रुपए
अमरनाथ यात्रा जाने वाले श्रद्धालुओं जितना महत्व पवित्र शिवलिंग के दर्शन कर पाते हैं। वहीं कई लोग लंगर लगाकर श्रद्धालुओं को भोजन खिलाकर उनके दर्शन जितना ही महत्व पाते हैं।
यही नहीं भोजन में लजीज खाने के अलग-अलग व्यंजनों मिठाई और हर प्रकार की बीमारी संबंधी उपचार के लिए दवाईयां उपलब्ध की जाती है। लंगर लगाने वाले सदस्य बहानी स्कुबा करके भोजन करने का न्यौता देते है।
दो महीने तक चलने वाले इन लंगरों में लाखों रूपए खर्च होते है इन लंगर लगाने वाले संस्थाओं के मुख्य किसी मंदिर का महंत या संस्था की हेड की देखरेख में व्यवस्था चलती है और संस्था को गुप्त दान दिया जाता है।