Jammu Kashmir: नगर निगम जम्मू में लंबे समय से नहीं हुई जनरल हाउस बैठक, प्रोजेक्टों पर नहीं लिए जा सके फैसले
नगर निगम एक्ट के अनुसार हर माह हाउस जरूरी होता है। इसमें शहर के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए जाते हैं। अंतिम बार हाउस की बैठक 22 अगस्त को हुई थी। इसके बाद मेयर पद के चुनाव के कारण सितंबर और अक्तूबर माह में बैठक नहीं हो सकी।
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जम्मू मेयर राजिंदर शर्मा के कार्यभार संभालने के 49 दिन बाद भी जनरल हाउस बैठक नहीं हो पाई हैं। मेयर ने 21 अक्तूबर को कार्यभार संभाला था। उन्होंने नवंबर माह में जनरल हाउस की बात कही थी। लेकिन अभी तक बैठक नहीं हो पाई है। इसकी वजह से शहर में विकास कार्य अधर में लटक गए हैं।
नगर निगम एक्ट के अनुसार हर माह हाउस जरूरी
बड़े प्रोजेक्टों पर काम शुरू करने के लिए भी योजना नहीं बन पाई है। नगर निगम एक्ट 2000 के अनुसार हर माह हाउस जरूरी होता है। इसमें शहर के विकास के लिए कई अहम फैसले लिए जाते हैं। अंतिम बार हाउस की बैठक 22 अगस्त को हुई थी।
इसके बाद मेयर पद के चुनाव के कारण सितंबर और अक्तूबर माह में बैठक नहीं हो सकी। बैठक न होने से रास्तों के निर्माण, पार्कों के जीर्णोद्धार, स्ट्रीट लाइट लगाने, सामुदायिक भवन के निर्माण सहित अन्य प्रोजेक्टों पर फैसले नहीं हो पाए हैं।
बैठक को लेकर मेयर को लेना है फैसला
नगर निगम की सचिव परविंदर कौर ने कहा कि जनरल हाउस बैठक के बारे में तय नहीं है। इस पर मेयर राजिंदर शर्मा ही फैसला लेंगे। नेता विपक्ष द्वारका नाथ चौधरी, प्रीतम सिंह और गौरव चोपड़ा ने कहा कि जल्द जनरल हाउस की बैठक हो। लंबे समय से हाउस नहीं लग पाया है। हर माह हाउस जरूरी है।
अगले सप्ताह हाउस लगाया जाएगा। इसके लिए तिथि निर्धारित की जा रही है। हाउस में जनता के मुद्दों को हल करवाया जाएगा। साथ ही बड़े प्रोजेक्टों को हरी झंडी दी जाएगी। - मेयर, राजिंदर शर्मा