जी20 सम्मेलन: विदेशी मेहमान जम्मू-कश्मीर के जानेंगे रंग, संस्कृति से होंगे रूबरू...डल किनारे मेगा कल्चरल शो
कश्मीर में जी20 में शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों को डल किनारे आयोजित मेगा कल्चरल शो से स्थानीय रंग से परिचित कराया जाएगा। यह आयोजन 22 मई की शाम को है। 45 मिनट के इस कार्यक्रम में लाइट एंड साउंड का अद्भुत नजारा प्रस्तुत करने के लिए दिनरात तैयारियां की जा रही हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आतंकवाद, पत्थरबाजी व अलगाववाद के कारण सुर्खियों में रहने वाले कश्मीर में पहली बार विदेशी मेहमान जम्मू-कश्मीर की संस्कृति, यहां के नृत्य-संगीत के अलावा डोगरा, चिनाब वैली, पीर पंजाल व कश्मीरी संस्कृति से रूबरू होंगे। जी20 की प्रस्तावित बैठक के मद्देनजर विदेशी मेहमानों के लिए डल किनारे आयोजित मेगा कल्चरल शो में उन्हें यहां के रंग से परिचित कराया जाएगा।
यह आयोजन 22 मई की शाम को है। 45 मिनट के इस कार्यक्रम में लाइट एंड साउंड का अद्भुत नजारा प्रस्तुत करने के लिए दिनरात तैयारियां की जा रही हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम में सब कुछ संगीतमय होगा। इसके लिए हाईटेक संसाधनों का इस्तेमाल होगा। हाईटेक लाइटिंग की व्यवस्था की गई है।
सूत्रों के अनुसार कलाकारों के ड्रेस, गहने से लेकर सब कुछ इस प्रकार के होंगे जिससे कोई तंगी न दिखने पाए। इसके लिए अलग-अलग टीमें लगी हुई हैं। रिहर्सल का कार्यक्रम भी चल रहा है। श्रीनगर में डल किनारे आयोजित इस कार्यक्रम में डल में लाइट एंड साउंड की प्रस्तुति अद्भुत छटा बिखेरेगी।
नृत्य-संगीत के अलावा नाटक, विजुअल प्रस्तुति, जनजातीय तथा लोक कलाओं की प्रस्तुति होगी। श्रीनगर के अलावा अन्य पर्यटक स्थलों जहां विदेशी मेहमानों के घूमने का प्रबंध है, वहां भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। सूत्रों का दावा है कि सुरक्षा कारणों से अभी कार्यक्रम को सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन पहली बार विदेशी मेहमानों को जम्मू कश्मीर के रंग से परिचित करवाया जाएगा।
दो दशक बाद 10 नए गाने होंगे रिलीज
कार्यक्रम की तैयारियों से जुड़े पद्मश्री बलवंत ठाकुर ने बताया कि दो दशक बाद यहां की संस्कृति से जुड़े 10 नए गाने रिलीज किए जाएंगे। इसमें डोगरी, गोजरी, भद्रवाही, पहाड़ी व कश्मीरी भाषा के गाने होंगे। यह प्रयास लगभग दो दशक बाद होगा जब नए गाने आएंगे।
विदेशी मेहमानों को यहां की संस्कृति से न केवल रूबरू कराया जाएगा बल्कि यह बताने की कोशिश की जाएगी कि जम्मू-कश्मीर अपनी विविधताओं की वजह से सबसे अलग है। यहां के लोग अपनी संस्कृति को संजोने में माहिर हैं। कुल मिलाकर विदेशी मेहमानों को जम्मू-कश्मीर को जीने के बारे में अवगत कराया जाएगा। यहां की प्रतिभाओं को भी मंच मिलेगा, जिससे वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकेंगे। - बलवंत ठाकुर