उधमपुर हमले में शामिल नावेद के चौथे साथी की हुई पहचान
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पांच अगस्त को उधमपुर के पास बीएसएफ के काफिले पर हमला करने वाले पाकिस्तानी आतंकियों को वारदात स्थल पर पहुंचाने वाला शख्स फैयाज अहमद अशवर उर्फ सेठा प्रमुख था, जो अभी भी नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की पकड़ से बाहर है।
एनआईए के अनुसार पूछताछ में यह बात सामने आई है कि घटना से पहले ट्रक में चार लोग सवार थे। इनमें पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद नावेद उर्फ याकूब और अबु नोमान के अलावा शाबजार अहमद भट उर्फ खुर्शीद (निवासी कुलगाम) व फैयाज सेठा शामिल थे।
फैयाज ही घटना से पहले और बाद में ट्रक चला रहा था। नोमान की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि नावेद और शाबजार फिलहाल जम्मू के कोट भलवाल सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में रखे गए हैं। जबकि सेठा अपने परिवार के साथ फरार है।
अबु कासिम ने नावेद और नोमान को ट्रक मुहैया करवाया था
एनआईए ने उस पर दो लाख रुपये का इनाम भी रखा है, लेकिन उसका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। जबकि एनआईए की टीमें लगातार घाटी में छापामारी कर रही हैं।
एनआईए के अनुसार घटना से एक दिन पहले चार अगस्त को लश्कर कमांडर अबु कासिम ने नावेद और नोमान को ट्रक मुहैया करवाया था। उसी दोपहर को सेठा और शाबजार दोनों को खुदवानी से ट्रक में लेकर नासरू नाला तक पहुंचे। सेठा ट्रक चला रहा था। कुद के पास चारों ने ट्रक में ही रात बिताई।
पांच अगस्त की सुबह लगभग सात बजे सेठा आतंकियों को लेकर नासरू नाला पहुंचा। यहां दोनों आतंकियों को उतार दिया गया। उसके बाद सेठा और शाबजार ट्रक जम्मू की ओर लेकर निकल गए। कुछ ही देर के बाद नासरू नाला से गुजरे बीएसएफ के काफिले पर आतंकियों ने हमला किया था।