कश्मीर घाटी में बाढ़ घोषित, सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर शुरू किया राहत कार्य
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रियासत में वीरवार को मौसम ने भारी तबाही मचाई। घाटी में पिछले दो दिनों से हो रही भारी के चलते प्रशासन ने बाढ़ घोषित कर दी गई है।
झेलम किनारे रहने वालों को अलर्ट कर दिया गया है। बारिश प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। भूस्खलन के चलते जम्मू-श्रीनगर हाईवे लगातार दूसरे दिन भी बंद रहा। मुगल रोड भी बंद है। इस वजह से घाटी का देश दुनिया से संपर्क कट गया है।
खराब मौसम की मार घाटी में विमान तथा रेल सेवा पर भी पड़ी है। घाटी के सभी जिलों में पुलिस ने कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। पीएचई विभाग की ओर से झेलम किनारे तथा तटबंदों की निगरानी के लिए गश्त किया जा रहा है। घाटी के स्कूल, कालेज आगामी सोमवार तक बंद कर दिए गए हैं। चक्रवाती तूफान तथा बिजली गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई। मौसम विभाग श्रीनगर के अनुसार शुक्रवार को जम्मू और कश्मीर के कई इलाकों में बारिश के आसार हैं। लेकिन मौसम में सुधार भी आएगा।
चक्रवाती तूफान की चपेट में आने से एक की मौत
जम्मू संभाग में उधमपुर जिले के चिनैनी में चक्रवाती तूफान की चपेट में आकर सड़क पर गिरने से एक वृद्ध महिला राम देई (80 वर्ष) की मौत हो गई। जिला राजोरी की बुद्धल तहसील के गांव डंडोत में बिजली की चपेट में आई महिला खातून बेगम ने दम तोड़ दिया।
पुंछ के पलाई गांव में पुलस्त नदी के बाढ़ में फंसे 34 लोगों को देर शाम तक निकालने के लिए बचाव कार्य चलता रहा। कठुआ जिला की बनी तहसील में तूफान से 13 स्कूलों को नुकसान पहुंचा है। यहां शुक्रवार को शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। पिछले चौबीस घंटों से लगातार बारिश से घाटी में दक्षिणी कश्मीर में संगम और सेंट्रल कश्मीर में राम मुंशी बाग (झेलम) खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।
कश्मीर के सभी दस जिलों में जरूरी इंतजाम करने के साथ साउथ कश्मीर और सेंट्रल कश्मीर में अलर्ट जारी किया गया है। श्रीनगर इलाके में 13 वर्ष बाद भारी बारिश और बर्फबारी हुई है। पट्टन-बारामुला के बीच रेल सेवा बाधित रही। अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट श्रीनगर से 24 उड़ानें निर्धारित समय से देर से उड़ीं, जबकि दस फ्लाइटों को रद किया गया।
कई जिलों में भारी बर्फबारी
राम मुंशी बाग में भी खतरे के निशान के ऊपर (अलर्ट 16, बाढ़ 18) 18 फीट पर बह रही थी। जलस्तर लगातार बढ़ने से झेलम किनारे बसे राजबाग, जवाहर नगर, इंदिरा नगर, लाल चौक, सोनवार आदि इलाकों में दहशत थी। घाटी के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग के साथ पुलिस, सेना को अलर्ट पर रखा गया है। कई जगह कंट्रोल रूम और हेल्प लाइन स्थापित किए गए हैं। जम्मू में बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई।
हिमस्खलन की चेतावनी
कश्मीर प्रशासन ने कारगिल के साथ कुपवाड़ा, बांदीपोरा और बारामुला जिले में उच्च श्रेणी खतरे वाले हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। सभी जिला उपायुक्तों को आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा गया है।