बाढ़ से रियासत को हुआ 50 हजार करोड़ का नुकसान
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जम्मू-कश्मीर में आई भीष्ण बाढ़ में राज्य को भारी नुकसान हुआ है। पीटीआई के अनुसार राज्य सरकार को बाढ़ से करीब पचास हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सप्ताह के अंत तक भेजी जाएगी।
राज्य सरकार ने सभी प्रशासनिक विभागों से बाढ़ में हुए नुकसान की रिपोर्ट तलब की है ताकि आने वाले कुछ दिनों के भीतर केंद्र को इस बारे में सूचित किया जा सके।
सूत्रों का कहना है कि अभी बाढ़ से हुए नुकसान की पूरी रिपोर्ट सामने नहीं आई है लेकिन अनुमान है कि बाढ़ ने राज्य को कम से कम पचास हजार करोड़ का घाटा किया है।
प्राइवेट सेक्टर को ज्यादा नुकसान
एक अधिकारी का कहना है कि, यह रकम और भी ज्यादा हो सकती है, अभी सभी विभाग नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं। सूत्रों का कहना है कि कृषि क्षेत्र में कम से कम चार हजार करोड़ का नुकसान हुआ है जबकि बागवानी क्षेत्र में करीब दो हजार करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है।
वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र जैसे की सड़क, सरकारी इमारत, पुल, अस्पताल आदि के आधारभूत ढांचे में करीब सात हजार करोड़ का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
प्राइवेट सेक्टर को ज्यादा नुकसान होने की संभावना है क्योंकि श्रीनगर का आर्थिक केंद्र कहा जाने वाला लाल चौक, बुद्धशाह चौक और इनके आसपास का इलाका पूरी तरह से तबाह हो चुका है। इसी इलाके से होने वाले व्यापार से राज्य को भारी राजस्व प्राप्त हुआ करता था।
करीब 2.34 लाख घरों को नुकसान
श्रीनगर के इस इलाके में दस दिन से भी ज्यादा समय तक पानी भरा रहा जिस कारण दुकानों और शो रूम्स में रखा सामान पूरी तरह से खराब हो चुका है, इससे प्राइवेट सेक्टर को भारी नुकसान हुआ है। बाढ़ में इस इलाके की करीब बीस हजार से ज्यादा दुकाने प्रभावित हुई हैं।
इसमें सबसे ज्यादा नुकसान कश्मीर घाटी और श्रीनगर के सिटी एरिया को हुआ है। सरकारी अधिकारी का कहना है कि बाढ़ में करीब 2.34 लाख घरों को नुकसान हुआ है इसमें से बीस हजार घर पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं, इसमें श्रीनगर शहर में तबाह होने वाले घरों की संख्या शामिल नहीं है।
अनुमान लगाया जा रहा है कि अकेले श्रीनगर को उतना नुकसान हुआ होगा जितना नुकसान पूरी रियासत को हुआ है। वहीं पर्याटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब तक पर्याटन क्षेत्र को दो हजार करोड़ का नुकसान हो चुका है।
हेल्थ सेक्टर को 150 करोड़ का नुकसान
बाढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं पर भी बुरा असर पड़ा है, कई अस्पतालों के महत्वपूर्ण उपकरण खराब हो चुके हैं, अब यह अस्पताल शुरू कर दिए गए हैं लेकिन बड़े इलाज की सुविधा अभी यहां नहीं हो पाई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार हेल्थ सेक्टर को करीब 150 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
रियासत के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाल में हुई मुलाकात में बाढ़ से हुए नुकसान और राहत पैकेज पर बात करते हुए बड़े राहत पैकेज की मांग की थी। बताया जा रहा है कि सरकार नियमों में ढील देते हुए बाढ़ पीड़ितों को नकद आर्थिक सहायता देने का मन बना रही है, अगर ऐसा होता है तो यह बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ी राहत होगी।