50 करोड़ में बनेगा रियासत का पहला चिडि़याघर
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रियासत के पहले चिडि़याघर की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। अब इस प्रोजेक्ट को राज्य कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यदि केबिनेट ने मंजूरी दी, तो अगले दो से तीन महीने में इस पर काम शुरू हो जाएगा।
प्रोजेक्ट को पूरा करने में दो से तीन साल का वक्त लगेगा। चिडि़याघर को दूसरे राज्यों की तर्ज पर विशेष रूप से बनाया जाएगा। यहां स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी लुभाया जा सके। बहरहाल, इसके लिए जगह का चयन कर लिया गया है।
वन्य जीव विभाग के क्षेत्रीय वन्यजीव वार्डन, रोशन जग्गी ने बताया कि नगरोटा खानपुर के जंगल को चिडि़याघर के लिए चुना गया है। तकरीबन 50 करोड़ रुपये इसके ऊपर खर्च किए जाएंगे। इसमें पशु पक्षियों के अलावा बच्चों के खेलने की तमाम सुविधाएं रहेंगी।
कैबिनेट के पास भेजी जाएगी मंजूरी को
खाने पीने, कैफे, रेस्तरां आदि की सुविधा रहेगी। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के विशेषज्ञों के मिलकर इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की गई है। इसे कुछ ही दिनों में बची हुई औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद राज्य सरकार को मंजूरी के लिए सौंप दिया जाएगा।
चिडि़याघर में मुख्य रूप से राज्य में पाए जाने वाले जानवर होंगे। विभाग जम्मू कश्मीर की प्रजातियों को सबसे सामने रखना चाहता है। हालांकि, कुछ जानवरों को दूसरे राज्यों से भी लाया जाएगा।
जम्मू में चिडि़याघर बनाने की योजना पिछले चार साल से चल रही है। इस बीच इस योजना में दो बार बदलाव हुआ। वन विभाग और कुछ अन्य बाधाओं के कारण योजना पर काम नहीं हो सका। पहली योजना में चिडि़याघर का बाकायदा नक्शा भी तैयार कर लिया गया, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से इसे बदल दिया गया।
अब पिछले दो साल से इस पर केंद्रीय वन मंत्रालय और अन्य विभागों के साथ मिलकर काम किया गया है। अब जाकर इसकी डिटेल प्रोजेक्ट तैयार की गई है।