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JK Recruitment Scam: सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले में अब तक 53 पर FIR, एक भी गिरफ्तारी नहीं
Wed, 14 Sep 2022 11:32 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 14 Sep 2022 11:32 AM IST
सार
सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले की जांच बंगलुरू और जम्मू से शुरू हुई थी। जो अब देश की राजधानी दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा तक पहुंच गई है। किसी ने नहीं सोचा था कि इस मामले की जांच की आंच 6 राज्यों और प्रदेशों तक पहुंच जाएगी।
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Jammu Kashmir Recruitment Scam
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले में जांच करने वाली सीबीआई ने मंगलवार को दूसरी बार छापेमारी की। दूसरी छापेमारी में 14 लोगों के आवासों और कार्यालयों पर खंगाला। इनमें प्रमुख नाम जेकेएसएसबी के पूर्व चेयरमैन खालिद जहांगीर, कंट्रोलर अशोक कुमार और पुलिस के एक डीएसपी केडी भगत का है। सीबीआई ने 3 अगस्त को इस मामले मे एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें 33 लोगों के नाम थे। इनमें बीएसएफ के कमांडेंट करनैल सिंह, पुलिस के एएसआई समेत अन्य लोग थे।
मामले में अब तक 53 लोगों के नाम सामने आ चुके हैं, लेकिन बड़ी बात यह है कि इनमें से कोई भी अभी गिरफ्तार नहीं हुआ है। हालांकि इस मामले की जांच शुरू होने से पहले सीबीआई ने भी नहीं सोचा था कि इस घोटाले का नेटवर्क इतना बड़ा होगा। शुरूआत में इस मामले की जांच बंगलुरू और जम्मू से शुरू हुई थी। जो अब देश की राजधानी दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा तक पहुंच गई है। किसी ने नहीं सोचा था कि इस मामले की जांच की आंच 6 राज्यों और प्रदेशों तक पहुंच जाएगी।
दिल्ली-गुजरात में बैठे दलालों की साजिश
बंगलुरू की कंपनी मेरिट ट्रैक एजेंसी को भर्ती का जिम्मा मिला था। इसके पेपर हरियाणा में प्रकाशित हुए थे। गाजियाबाद, दिल्ली, गुजरात में बैठे दलालों ने घोटाले की जमीन तैयार की। इसके बाद जम्मू कश्मीर के घोटालेबाज अफसरों से संपर्क किया गया। इन अफसरों ने फिर आगे नेटवर्क खड़ा किया, जिसमें सीआरपीएफ, पुलिस, शिक्षकों, लाइब्रेरी मालिकों आदि लोगों को शामिल किया गया। पेपर को हरियाणा में ही लीक कर दिया और इसे अलग अलग जगहों पर पहुंचाया गया।
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सुबह छह बजे ही पहुंच गई थी सीबीआई टीम
जम्मू के अखनूर, गांधी नगर, पलांवाला, नारायणा, श्रीनगर के हजूरीबाग, आरएस पुरा, खौड़, बनतालाब आदि में मंगलवार सुबह 6 बजे ही सीबीआई की टीमें पहुंच गई थीं। टीमों ने इसके लिए निजी और दिल्ली नंबर के वाहनों का इस्तेमाल किया। इससे पहले सीबीआई की टीम अपने सरकारी वाहनों से छापेमारी करने पहुंचती रही है। टीमों का सुबह छह बजे पहुंचने का मकसद यह था कि ये लोग कहीं आगे पीछे न जा सके। सीबीआई ने घरों में मौजूद लोगों को बाहर भी नहीं जाने दिया।
एफएए और जेई सिविल भर्ती घोटाले में भी यही लोग
सूत्रों का कहना है कि 3 अगस्त को सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले में दर्ज एफआईआर में ही एफएए और जेई सिविल मामले की जांच होगी, क्योंकि इसमें भी एसएसबी के अफसरों और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक चली पूछताछ
जानकारी के अनुसार छापेमारी में सीबीआई ने आरोपियों की बैंक पासबुक, भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट, लैपटॉप, मोबाइल, पेन ड्राइव आदि जब्त किए हैं। आरोपियों के व्हाटसएप की जानकारी भी ली गई है। इनके सोशल मीडिया के अकाउंट भी खंगाले गए हैं। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई की टीमों ने सुबह 6 बजे पूछताछ शुरू की थी जो रात के 10 बजे तक चलती रही। बुधवार को जेकेएसएसबी के पूर्व चेयरमैन खालिद जहांगीर और पूर्व कंट्रोलर अशोक कुमार समेत कुछ अन्य को सीबीआई ने अपने कार्यालय में बुलाया है। यहां इनसे पूछताछ होगी।
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मामले में अब तक 53 लोगों के नाम सामने आ चुके हैं, लेकिन बड़ी बात यह है कि इनमें से कोई भी अभी गिरफ्तार नहीं हुआ है। हालांकि इस मामले की जांच शुरू होने से पहले सीबीआई ने भी नहीं सोचा था कि इस घोटाले का नेटवर्क इतना बड़ा होगा। शुरूआत में इस मामले की जांच बंगलुरू और जम्मू से शुरू हुई थी। जो अब देश की राजधानी दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा तक पहुंच गई है। किसी ने नहीं सोचा था कि इस मामले की जांच की आंच 6 राज्यों और प्रदेशों तक पहुंच जाएगी।
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दिल्ली-गुजरात में बैठे दलालों की साजिश
बंगलुरू की कंपनी मेरिट ट्रैक एजेंसी को भर्ती का जिम्मा मिला था। इसके पेपर हरियाणा में प्रकाशित हुए थे। गाजियाबाद, दिल्ली, गुजरात में बैठे दलालों ने घोटाले की जमीन तैयार की। इसके बाद जम्मू कश्मीर के घोटालेबाज अफसरों से संपर्क किया गया। इन अफसरों ने फिर आगे नेटवर्क खड़ा किया, जिसमें सीआरपीएफ, पुलिस, शिक्षकों, लाइब्रेरी मालिकों आदि लोगों को शामिल किया गया। पेपर को हरियाणा में ही लीक कर दिया और इसे अलग अलग जगहों पर पहुंचाया गया।
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सुबह छह बजे ही पहुंच गई थी सीबीआई टीम
जम्मू के अखनूर, गांधी नगर, पलांवाला, नारायणा, श्रीनगर के हजूरीबाग, आरएस पुरा, खौड़, बनतालाब आदि में मंगलवार सुबह 6 बजे ही सीबीआई की टीमें पहुंच गई थीं। टीमों ने इसके लिए निजी और दिल्ली नंबर के वाहनों का इस्तेमाल किया। इससे पहले सीबीआई की टीम अपने सरकारी वाहनों से छापेमारी करने पहुंचती रही है। टीमों का सुबह छह बजे पहुंचने का मकसद यह था कि ये लोग कहीं आगे पीछे न जा सके। सीबीआई ने घरों में मौजूद लोगों को बाहर भी नहीं जाने दिया।
एफएए और जेई सिविल भर्ती घोटाले में भी यही लोग
सूत्रों का कहना है कि 3 अगस्त को सब इंस्पेक्टर भर्ती घोटाले में दर्ज एफआईआर में ही एफएए और जेई सिविल मामले की जांच होगी, क्योंकि इसमें भी एसएसबी के अफसरों और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक चली पूछताछ
जानकारी के अनुसार छापेमारी में सीबीआई ने आरोपियों की बैंक पासबुक, भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट, लैपटॉप, मोबाइल, पेन ड्राइव आदि जब्त किए हैं। आरोपियों के व्हाटसएप की जानकारी भी ली गई है। इनके सोशल मीडिया के अकाउंट भी खंगाले गए हैं। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई की टीमों ने सुबह 6 बजे पूछताछ शुरू की थी जो रात के 10 बजे तक चलती रही। बुधवार को जेकेएसएसबी के पूर्व चेयरमैन खालिद जहांगीर और पूर्व कंट्रोलर अशोक कुमार समेत कुछ अन्य को सीबीआई ने अपने कार्यालय में बुलाया है। यहां इनसे पूछताछ होगी।