JKCA विवाद: न्यायालय से फारूक धड़े को राहत
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श्रीनगर की स्थानीय अदालत ने जेकेसीए की अंसारी ग्रुप की जनरल काउंसिल और वर्किंग काउंसिल की बैठक के मामले में अंतिम फैसला न आने तक स्टे को बरकरार रखते हुए डा. फारूक अब्दुल्ला के नेतृत्व में चलने वाली जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन को अंतरिम राहत दी है।
जनरल काउंसिल की बैठक में ही अंसारी धड़े के जेकेसीए चुनाव आयोजित किए थे, जिसके बाद चेयरमैन अरविंदर सिंह मिक्की ने इस चुनाव और संबंधित बैठकों को न्यायालय में चुनौती दी थी।
20 जुलाई 2015 को श्रीनगर में जेकेसीए के अंसारी ग्रुप धड़े ने एसोसिएशन की वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाकर चुनाव आयोजित कराए थे।
महबूब इकबाल को चेयरमैन, खेल मंत्री इमरान रजा अंसारी को प्रधान और इकबाल शाह को महासचिव बनाया गया था, लेकिन इस चुनाव के साथ ही फारूक धड़े से चेयरमैन मिक्की ने अदालत में चुनौती देकर चुनाव पर स्टे लगवा दिया था।
'जेकेसीए में हस्तक्षेप कर रही सरकार’
चेयरमैन अरविंदर सिंह मिक्की का कहना है कि जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में गठबंधन सरकार के नुमाइंदे हस्तक्षेप कर अपनी पैठ बनाने की कोशिश में हैं। रियासत में क्रिकेट को बढ़ावा देने में अड़चनें डाली जा रही हैं।
सरकार के दबाव में श्रीनगर में अंसारी धड़े द्वारा जेकेसीए कार्यालय के ताले तोड़े गए। संबंधित बैंक ने बिना कानूनी जांच के जेकेसीए के नियमित अकाउंट को बंद करके दूसरे धड़े के अकाउंट खोल दिए। जिस पर न्यायालय से स्टे आने के बाद भी बैंक ने कार्रवाई नहीं की।
मिक्की का कहना है कि बजालता अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण पर जल्द काम होगा। मंडलायुक्त को जगह की निशानदेही के लिए कहा गया था। बीसीसीआई महासचिव अनुराग ठाकुर से बात हुई है,उन्होंने न्यायालय का फैसला उनके हक में आने पर चार साल का बकाया और प्रोजेक्ट को राशि जारी करने का आश्वासन दिया है।