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ठेकेदारी प्रथा के विरोध में आए किसान

Thu, 31 Jul 2014 01:06 AM IST
Updated Thu, 31 Jul 2014 01:06 AM IST
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farmer protest the govt order

मुर्गी पालन में ठेकेदारी प्रक्रिया को बंद करने के सरकारी आदेश पर किसानों ने कड़ा विरोध जताया है। विभिन्न क्षेत्रों के किसानों ने बुधवार को दियालाचक में एकत्रित होकर बैठक की और सरकार के आदेश का विरोध किया।

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उनका आरोप है कि सरकार छोटे किसानों के साथ भेदभाव कर रही है और सारा लाभ व्यापारियों को देना चाहती है। उन्होंने सरकार से फैसला वापिस लेने की मांग की है।
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बैठक की अध्यक्षता करते हुए जगदेव सिंह ने कहा कि इससे पूर्व जो लोग सरकार के पास शिष्टमंडल में गए थे वे असल में व्यापारी थे जो किसानों को मिल रहे लाभ को छीनना चाहते हैं।
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सरकार से फैसला वापिस लेने की मांग

farmer protest the govt order
उन्होंने कहा कि कंपनी उन्हें चूजों और मुर्गों की देखभाल और खानपान के लिए रखती है और कमीशन के तौर पर उन्हें पैसा मिलता है। बिना किसी पैसे को लगाए उन्हें लाभ मिल रहा है लेकिन कुछ स्थानीय व्यापारियों का इससे लाभ कम हुआ है।

ऐसे में उन्होंने सरकार को गुमराह किया और इस प्रक्रिया को बंद करवा दिया। उन्होंने कहा कि असल में किसान इस प्रक्रिया से खुश है और सरकार के आदेश के बाद सभी किसानों में सरकार के खिलाफ गुस्सा पनप रहा है।

इस मौके पर किसान देव राज न कहा कि अगर सरकार की यही नीति रही तो किसानों को मजबूरन विरोध के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को मामले की तह तक जाना चाहिए और जल्द ही अपना फैसला वापिस लेना होगा। इस मौके पर कंडी के साथ मैदानी क्षेत्रों के किसान भी उपस्थित रहे।
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