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श्रीनगर हाईवे दहलाने की साजिश नाकाम, टीएनटी बरामद

Wed, 02 Sep 2015 10:14 AM IST
Updated Wed, 02 Sep 2015 10:14 AM IST
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explosive material recovered on jammu-srinagar highway

जम्मू-श्रीनगर हाईवे को दहलाने की आतंकी साजिश को सीआरपीएफ ने नाकाम कर दिया। उधमपुर से छह किमी दूर खैरी के नजदीक सीआरपीएफ की रोड ओपनिंग टीम को एक टीएनटी और बूस्टर मिला है। इन दोनों वस्तुओं का इस्तेमाल आईईडी जैसे विस्फोट तैयार करने के लिए भी किया जाता है।

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सुबह छह बजे के करीब सीआरपीएफ की 137वीं बटालियन की रोड ओपनिंग टीम (आरओपी) को सड़क किनारे टीएनटी (ट्राइनेट्रो टाल्स) मिला। इसके साथ ही बूस्टर था। इस विस्फोटक को पहाड़ी तोड़ने या आईईडी में इस्तेमाल किया जाता है।
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आशंका है कि किसी असामाजिक तत्व या आतंकी ने इसे हाईवे पर रखा था और इससे विस्फोट करने की योजना थी। सुबह ही सेना का कानवाई भी क्षेत्र से निकला था। इस कानवाई पर हमले की भी साजिश हो सकती है।
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बटालियन कमांडेंट मुकेश कुमार के अनुसार टीएनटी व बूस्टर को हाईवे पर रखना किसी की शरारत हो सकती है। यह 1998 की बनी हुई है और उसे जब्त कर लिया गया है। पूरी जांच के बाद इसे पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

विस्फोटक सामग्री हाईवे पर कैसे पहुंची

explosive material recovered on jammu-srinagar highway

एसएसपी उधमपुर सुलेमान सलारिया के अनुसार पुलिस इस मामले में जांच कर रही है कि विस्फोटक सामग्री हाईवे पर कैसे पहुंची। वहीं, यह आशंका है कि शांत क्षेत्रों को आतंकी निशाना बनाने के उद्देश्य से इस विस्फोटक को हाईवे पर रखा गया था।

खैरी शांत क्षेत्र है और इस क्षेत्र से पहले कोई आतंकी घटना या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। इसेकी बरामदगी के बाद हाईवे पर आधा घंटे के लिए वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। हाईवे पर सुरक्षा भी कड़ी कर दी गई है और गश्त बढ़ा दी गई है।

आठ किमी दूर है नरसू से

जिस क्षेत्र से आईईडी बरामद की गई, वह क्षेत्र नरसू से आठ किमी दूर है। नरसू से 23 जुलाई कोे लश्कर-ए-तोयबा का आतंकी नावेद पकड़ा गया था। बीएसएफ की कानवाई पर हमले के दौरान एक आतंकी भी मारा गया था।

पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि नरसू में आतंकियों का कोई स्लीपर सेल हो सकता है। इसी से नावेद और उसके साथी को हथियार मिले होंगे। कड़ी सुरक्षा और स्लीपर सेल का पता नहीं चले। इसलिए चुपके से इस विस्फोटक को हाईवे पर रख दिया गया।

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