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Exclusive: लश्कर और हिजबुल ने फिर तैयार किया कश्मीर घाटी को दहलाने का प्लान
बृजेश कुमार सिंह,अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 29 Mar 2017 07:09 PM IST
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आतंकवादी
- फोटो : Demo Pic.
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लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन ने घाटी को दहलाने की साजिश रची है। सुरक्षा एजेंसियों को इस बात के इनपुट मिले हैं कि दोनों ही आतंकी तंजीमों ने हाथ मिलाते हुए घाटी में उपचुनावों और पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी वारदात की व्यूह रचना की है। शोपियां, पुलवामा, कुलगाम, हंदवाड़ा, कुपवाड़ा और अनंतनाग में दोनों संगठनों के पोस्टर साथ मिलने से सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं।
इनपुट के अनुसार दक्षिणी कश्मीर सबसे संवेदनशील माना जा रहा है। कारण दक्षिणी कश्मीर का इलाका नेशनल हाईवे से बिल्कुल सटा हुआ है, जिससे सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाना आतंकियाें के लिए आसान हो सकता है। बुरहान वानी के मारे जाने के बाद सबसे ज्यादा 80 युवाओं ने इसी इलाके से आतंकी संगठनों का दामन थामा है।
सूत्रों ने बताया कि कुलगाम में सोमवार को पकड़े गए हिज्ब के आतंकियों ने भी इस बात का खुलासा किया है कि लश्कर के साथ मिलकर दक्षिणी कश्मीर में चुनाव के दौरान बड़े हमले की साजिश थी। सैन्य ठिकानों के साथ ही हाईवे पर सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाने के लिए बिजबिहाड़ा तथा आस पास के इलाकों में स्थान भी चिह्नित कर लिया गया था।
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इनपुट के अनुसार दक्षिणी कश्मीर सबसे संवेदनशील माना जा रहा है। कारण दक्षिणी कश्मीर का इलाका नेशनल हाईवे से बिल्कुल सटा हुआ है, जिससे सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाना आतंकियाें के लिए आसान हो सकता है। बुरहान वानी के मारे जाने के बाद सबसे ज्यादा 80 युवाओं ने इसी इलाके से आतंकी संगठनों का दामन थामा है।
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सूत्रों ने बताया कि कुलगाम में सोमवार को पकड़े गए हिज्ब के आतंकियों ने भी इस बात का खुलासा किया है कि लश्कर के साथ मिलकर दक्षिणी कश्मीर में चुनाव के दौरान बड़े हमले की साजिश थी। सैन्य ठिकानों के साथ ही हाईवे पर सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाने के लिए बिजबिहाड़ा तथा आस पास के इलाकों में स्थान भी चिह्नित कर लिया गया था।
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अब मंत्रियों और नेताओं को भी बनाया जा रहा निशाना
terrorist
- फोटो : FILE
सूत्रों के अनुसार श्रीनगर शहर में भी आतंकियों के मॉड्यूल के सक्रिय होने के इनपुट हैं। इसके बाद से वहां सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। श्रीनगर और अनंतनाग उपचुनाव को देखते हुए प्रत्याशियों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है ताकि आतंकी हमले कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश न करें। कश्मीर के आईजी एसजेएम गिलानी का कहना है कि समय समय पर इनपुट मलते रहते हैं।
इसके अनुसार सुरक्षा बलों की ओर से कार्रवाई होती है। इस वक्त एंटी टेररिज्म ग्रिड सक्रिय है। आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर नजर है। आतंकियों को पनाह देने वाले और ओवर ग्राउंड वर्करों पर भी पैनी निगाह है। आतंकी तंजीमों को अपने मकसद में कामयाब न होने देने के लिए सुरक्षा घेरा तगड़ा किया गया है।
आतंकी तंजीमों और अलगाववादियों की ओर से चुनाव बहिष्कार के आह्वान के बाद मंत्रियों और नेताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में औकाफ मंत्री फारूक अंद्राबी के घर धावा बोलकर आतंकियों ने पांच हथियार लूट लिए। इससे पहले पीडीपी के सम्मेलन पर पथराव किया गया। अब कद्दावर मंत्री अब्दुल रहमान वीरी के काफिले पर हमला कर अवाम में दहशत पैदा करने की कोशिश की गई है।
इसके अनुसार सुरक्षा बलों की ओर से कार्रवाई होती है। इस वक्त एंटी टेररिज्म ग्रिड सक्रिय है। आतंकी संगठनों की गतिविधियों पर नजर है। आतंकियों को पनाह देने वाले और ओवर ग्राउंड वर्करों पर भी पैनी निगाह है। आतंकी तंजीमों को अपने मकसद में कामयाब न होने देने के लिए सुरक्षा घेरा तगड़ा किया गया है।
आतंकी तंजीमों और अलगाववादियों की ओर से चुनाव बहिष्कार के आह्वान के बाद मंत्रियों और नेताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में औकाफ मंत्री फारूक अंद्राबी के घर धावा बोलकर आतंकियों ने पांच हथियार लूट लिए। इससे पहले पीडीपी के सम्मेलन पर पथराव किया गया। अब कद्दावर मंत्री अब्दुल रहमान वीरी के काफिले पर हमला कर अवाम में दहशत पैदा करने की कोशिश की गई है।