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जम्मू-कश्मीर: आज भी प्रदेश के इन इलाकों में ग्रामीण आबादी सरकारी बस सेवा से वंचित

Fri, 11 Jun 2021 12:03 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 11 Jun 2021 12:03 PM IST
सार

डोडा, किश्तवाड़, रामबन, राजौरी, पुंछ, रियासी जैसे जिलों में अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहते है। इन जिलों के ग्रामीण रुट्स पर अगर कारपोरेशन बस सेवा शुरू करती है तो लोगों को सुविधा मिलने के साथ कारपोरेशन को राजस्व मिलेगा। इन रुट्स पर चल रहे निजी वाहन इन रुट्स पर चल रहे निजी वहान 10 किमी के लिए 100 रुपए किराया वसूल रहे है।

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Even after 72 years of independence rural population of Jammu and Kashmir is deprived of government bus service
सड़क मार्ग डोडा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश की ज्यादार ग्रामीण आबादी सरकारी बसों सेवा से वंचित है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सुविधा देने के सरकार के तमाम दावों और वादों के बावजूद ग्रामीण आबादी परिहवन जैसे बुनियादी सुविधा से वंचित है।

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जम्मू-कश्मीर रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (जेकेआरटीसी) अंतर राज्य और जिला रुट्स पर परिचालन करती है,लेकिन जिला मुख्यालयों से ग्रामीण क्षेत्रों के रुट्स पर सुविधा नहीं है। इसके कारण आम लोगों की निर्भरता सिर्फ और सिर्फ निजी वाहनों पर है। निजी वाहन लूट खसोट का अड्डा हैं जो नियमों को ताक पर रखकर लोगों से अधिक किराया वसूलते हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सरकारी बस सेवा को शुरू करने को लेकर सरकार फिल्हाल किसी योजना पर काम नहीं कर रही है। कारपोरेशन का कहना है कि हर रुट्स पर बस शुरू करना संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों के रूट्स पर तय राजस्व प्राप्त करना चुनौती होगा।
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जेकेआरटीसी के प्रबंध निदेशक अंग्रेज सिंह राणा ने कहा कि हमने ग्रामीण क्षेत्रों के रूट्स की सर्वे किया है, लेकिन हर रुट पर बस सेवा शुरू करना संभव नहीं है। हम जिलों से सब डिविजलन और तहसील स्तर पर बस सेवा को शुरू की है। जिलों के अंदर ही पीएमजीएस के तहत बनी सड़कों पर बस सेवा शुरू करना संभव नहीं है। फिर भी हम अपनी तरफ ऐसे रुट्स को चिन्हित कर रहे है, जहां बस चलने से लोगों को भी सुविधा मिले और कारपोरेशन को भी राजस्व प्राप्त होगा। 

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