जम्मूू-कश्मीर के बजट में विकास पर होगा जोर, संसद में पेश होगा केंद्र शासित प्रदेश का दूसरा बजट
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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के वर्ष 2021-22 के दूसरे बजट में ग्रामीण व पंचायती राज संस्थानों के विकास, आर्थिक सुधार, बेरोजगारी से निपटने के उपायों, किसानों की सुध तथा विकास की झलक देखने को मिल सकती है। आर्थिक सुधार, बजट संसद में पेश किया जाएगा। पिछले साल के बजट से 20 फीसदी बढ़ोत्तरी की उम्मीद है। यानी इस साल का बजट 1.20 करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है। बजट को अंतिम रूप दे दिया गया है। जल्द ही राज्य सलाहकार परिषद (एसएसी) की बैठक में बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
वित्त विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि विभिन्न विभागों की जरूरतों को बजट में शामिल किया गया है। साथ ही कारोबार तथा उद्योग से जुड़े विभिन्न हितधारकों को ध्यान में रखते हुए उनके साथ बैठकें कर उनका फीडबैक लिया गया है। इस आधार पर बजट में इन्हें भी स्थान दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि बजट में ग्रामीण विकास पर इसलिए जोर दिया जाएगा ताकि जमीनी स्तर तक लोकतंत्र को मजबूत किया जा सके।
साथ ही यह संदेश दिया जा सके कि सरकार अंतिम पायदान तक विकास करने को प्रतिबद्ध है। वित्त विभाग से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल यह तय नहीं है कि बजट एक फरवरी को आम बजट के साथ पेश होगा या फिर बजट सत्र में। राज्य के बजट को अंतिम रूप दे दिया गया है। इतना तय है कि बजट में सभी वर्गों का ख्याल रखा जाएगा। आय के साधन भी सृजित करने की कोशिश होगी।
बजट रुपये
2019-20- 88911 करोड़ (राष्ट्रपति शासन में राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में एसएसी ने दी थी मंजूरी)
2020-21 -एक लाख करोड़ (अनुच्छेद 370 हटने व केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बजट में)
पहले बजट में 30757 करोड़ का मिला था पैकेज
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद वर्ष 2020 में संसद में बजट के दौरान जम्मू कश्मीर को 30757 और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को 5958 करोड़ रुपये का पैकेज दिया गया था। यह पैकेज केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 2015 में 80 हजार करोड़ रुपये के पैकेज के बाद यह सबसे बड़ा पैकेज राज्य को मिला था।
युवाओं के लिए दो हजार करोड़ का था प्रावधान
पहले बजट में 2000 करोड़ का पैकेज केंद्रीय सशस्त्र बलों को दिया गया था। यह राशि युवाओं में विभिन्न विकास योजनाओं के बल पर विश्वास बहाली के लिए था। इससे युवाओं के लिए खेल-सांस्कृतिक गतिविधियां करने और रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम, मेडिकल व वेटनरी कैंप आयोजित करने के लिए था।