जम्मू-कश्मीर: सभी पार्टियों ने शुरू की चुनाव की तैयारी
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रियासत में सरकार गठन में देरी से बने संशय के माहौल के बीच अब सियासी दल मतदाताओं के बीच सक्रिय होने लगे हैं। भाजपा, पीडीपी, नेकां और कांग्रेस हो या पैंथर्स पार्टी हर दल ने जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़ना शुरू कर दिया है।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा का कहना है कि सुशासन रैलियों का सिलसिला रियासत के हर विधानसभा क्षेत्र में चल रहा है। लोगों की भारी भीड़ रैली स्थलों पर जुट रही है और जनता की उम्मीद भाजपा से जुड़ी हुई है।
पीडीपी की अध्यक्ष एवं सांसद महबूबा मुफ्ती ने पार्टी नेताओं को सदस्यता अभियान जोरशोर से चलाने के दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। महबूबा ने कहा है कि वह भी जिला स्तर पर होने वाले अभियानों में शामिल रहेंगी।
सरकार गठन में हो रही देरी के बीच रैली और सदस्यता अभियान शुरू
नेशनल कांफ्रेंस भी सदस्यता अभियान के अलावा चुनाव की तैयारी में भी जुटी हुई है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने भी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार होने जाने को कहा है।
पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्ष देव सिंह ने भी कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार होने जाने की अपील की है। शिव सेना बाल ठाकरे के प्रधान डिंपी कोहली ने भी कार्यकर्ताओं को विधानसभा, स्थानीय निकाय और पंचायती चुनाव के लिए तैयार रहने की अपील की है।
सईद का निधन हुए एक महीना गुजर गया, लेकिन रियासत में सरकार गठन पर असमंजस बरकरार है। दस माह गठबंधन सरकार में रहे दोनों सहयोगी दलों भाजपा और पीडीपी के बीच सरकार गठन पर अब तक संशय बना है।
भाजपा नेताओं ने जताई जल्द सरकार गठन की उम्मीद
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की मोदी सरकार पर सरकार गठन से पूर्व विश्वास बहाली की शर्त के बाद प्रदेश भाजपा मौन हो गई है। भाजपा के केंद्रीय हाई कमान और केंद्र सरकार पर आकर अब बात अटक चुकी है।
सात जनवरी को पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद रियासत में सियासी हालात में असमंजस हर दिन गुजरने के साथ बढ़ता जा रहा है। आठ जनवरी से रियासत में राज्यपाल शासन लागू है। राज्यपाल दो बार चिट्ठी लिखकर पीडीपी और भाजपा से अपनी स्थिति साफ करने को कह चुके हैं और इन दोनों दलों ने फिलहाल राज्यपाल से ओर समय लिया हुआ है।
महबूबा कह चुकी है कि सरकार का गठन हवा में नहीं होगा। पीडीपी की विश्वास बहाली की कदम के तहत केंद्र को इसके लिए माहौल बनाना होगा। मुश्किल का सामना करने के लिए ताकत देनी होगी नहीं तो जैसे अब चल रहा हैं वैसे ही चलता रहेगा। हालांकि, भाजपा के नेताओं को उम्मीद है कि पीडीपी को जल्द ही विश्वास दिला दिया जाएगा और गठबंधन सरकार दोबारा बनेगी।