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Jammu News: सरकारी स्कूलों में कर्मचारियों के बच्चों को अनिवार्य रूप से नामांकन के प्रस्ताव पर चर्चा कर रही सरकार
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन सभी सरकारी कर्मियों के बच्चों को सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में नामांकन के संबंध में एक प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है। एक स्थानीय संगठन ने उप राज्यपाल सचिवालय की निगरानी और शिकायत प्रकोष्ठ को प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव पर ध्यान आकर्षित किया है। वर्तमान में इसकी समीक्षा की जा रही है।
प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि सभी सरकारी कर्मचारियों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए। प्रस्ताव का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में जिम्मेदारी और प्रत्यक्ष भागीदारी लाना है, जिससे बेहतर सुविधाएं, शिक्षण मानक और समग्र प्रदर्शन हो सकता है।
सचिवालय से स्कूल शिक्षा विभाग को एक आधिकारिक संचार भेजा गया। इसमें आवश्यक कार्रवाई करने और सचिवालय को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके मद्देनजर, विभाग ने औपचारिक रूप से जम्मू व कश्मीर संभाग के निदेशक स्कूल शिक्षा को सूचित किया, जिन्होंने नियमों के अनुसार उचित उपाय करने और प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया मांगने का आग्रह किया।
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निदेशक जम्मू ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को एक आधिकारिक संचार जारी किया, जिन्हें मामले पर अपनी टिप्पणियां देने के लिए कहा गया था। सीईओ ने आगे इस संचार को जोनल शिक्षा अधिकारियों (जेडईओ) और संस्थानों के प्रमुखों को उनके इनपुट के लिए भेजा है। प्रस्ताव के कार्यान्वयन पर चर्चा चल रही है। अधिकारियों को अपने सुझाव व टिप्पणियां 12 अगस्त तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, प्रधान सचिव आलोक कुमार ने कहा कि इस मामले में अभी कोई फैसला नहीं किया गया है।
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श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर प्रशासन सभी सरकारी कर्मियों के बच्चों को सरकार द्वारा संचालित स्कूलों में नामांकन के संबंध में एक प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है। एक स्थानीय संगठन ने उप राज्यपाल सचिवालय की निगरानी और शिकायत प्रकोष्ठ को प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव पर ध्यान आकर्षित किया है। वर्तमान में इसकी समीक्षा की जा रही है।
प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि सभी सरकारी कर्मचारियों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए। प्रस्ताव का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में जिम्मेदारी और प्रत्यक्ष भागीदारी लाना है, जिससे बेहतर सुविधाएं, शिक्षण मानक और समग्र प्रदर्शन हो सकता है।
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सचिवालय से स्कूल शिक्षा विभाग को एक आधिकारिक संचार भेजा गया। इसमें आवश्यक कार्रवाई करने और सचिवालय को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके मद्देनजर, विभाग ने औपचारिक रूप से जम्मू व कश्मीर संभाग के निदेशक स्कूल शिक्षा को सूचित किया, जिन्होंने नियमों के अनुसार उचित उपाय करने और प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया मांगने का आग्रह किया।
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निदेशक जम्मू ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को एक आधिकारिक संचार जारी किया, जिन्हें मामले पर अपनी टिप्पणियां देने के लिए कहा गया था। सीईओ ने आगे इस संचार को जोनल शिक्षा अधिकारियों (जेडईओ) और संस्थानों के प्रमुखों को उनके इनपुट के लिए भेजा है। प्रस्ताव के कार्यान्वयन पर चर्चा चल रही है। अधिकारियों को अपने सुझाव व टिप्पणियां 12 अगस्त तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, प्रधान सचिव आलोक कुमार ने कहा कि इस मामले में अभी कोई फैसला नहीं किया गया है।