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Jammu News: लेटलतीफी से अब नई सरकार बनने के बाद ही हो सकेंगे शिक्षकों के तबादले
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- शिक्षा विभाग ने 22 जुलाई से 25 अगस्त तक ऑनलाइन तबादले के लिए मांगे थे आवेदन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में शिक्षकों का तबादला अब नई सरकार बनने के बाद ही होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के सुस्त रवैये के चलते इस बार शिक्षकों के तबादला नहीं हो पाए हैं। पहले लोकसभा और अब विधानसभा चुनावों के कारण लागू हुई आचार संहिता के चलते शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया अटक गई है।
लोकसभा चुनाव के बाद जून में आचार संहिता हटने के दो महीने बाद 22 जुलाई से ट्रांसफर के लिए शिक्षकों से आवेदन मांगे, जिसकी अंतिम तिथि 25 अगस्त तक रखी थी। आवेदन की अंतिम तिथि पूरी होने से पहले ही प्रदेश में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज गया और आचार संहिता लागू हो गई। ऐसे में शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया फिर से रुक गई। पांच साल से भी ज्यादा समय से तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब और इंतजार करना पड़ेगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तबादला प्रक्रिया शुरू करने में की गई देरी से शिक्षक से नाराज हैं।
जनरल लाइन टीचर फोरम के अध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि विभाग ने प्रक्रिया ही देरी से शुरू की। यह प्रक्रिया मार्च से शुरू होनी चाहिए थी। विभाग ने सिर्फ आवेदन के लिए ही एक महीने से ज्यादा का समय रखा, जबकि आवेदन से लेकर तबादला प्रक्रिया पूरी करने में एक महीने का समय लगना चाहिए था। स्कूल शिक्षा विभाग हर साल शिक्षकों का तबादला करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन मांगता है। एक स्थान पर तीन से अधिक साल से सेवाएं देने वाला शिक्षक तबादले के लिए आवेदन करने का हकदार होता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में शिक्षकों का तबादला अब नई सरकार बनने के बाद ही होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के सुस्त रवैये के चलते इस बार शिक्षकों के तबादला नहीं हो पाए हैं। पहले लोकसभा और अब विधानसभा चुनावों के कारण लागू हुई आचार संहिता के चलते शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया अटक गई है।
लोकसभा चुनाव के बाद जून में आचार संहिता हटने के दो महीने बाद 22 जुलाई से ट्रांसफर के लिए शिक्षकों से आवेदन मांगे, जिसकी अंतिम तिथि 25 अगस्त तक रखी थी। आवेदन की अंतिम तिथि पूरी होने से पहले ही प्रदेश में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज गया और आचार संहिता लागू हो गई। ऐसे में शिक्षकों की तबादला प्रक्रिया फिर से रुक गई। पांच साल से भी ज्यादा समय से तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों को अब और इंतजार करना पड़ेगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा तबादला प्रक्रिया शुरू करने में की गई देरी से शिक्षक से नाराज हैं।
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जनरल लाइन टीचर फोरम के अध्यक्ष नीरज शर्मा ने कहा कि विभाग ने प्रक्रिया ही देरी से शुरू की। यह प्रक्रिया मार्च से शुरू होनी चाहिए थी। विभाग ने सिर्फ आवेदन के लिए ही एक महीने से ज्यादा का समय रखा, जबकि आवेदन से लेकर तबादला प्रक्रिया पूरी करने में एक महीने का समय लगना चाहिए था। स्कूल शिक्षा विभाग हर साल शिक्षकों का तबादला करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन मांगता है। एक स्थान पर तीन से अधिक साल से सेवाएं देने वाला शिक्षक तबादले के लिए आवेदन करने का हकदार होता है।
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