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Jammu News: 12वीं के शारीरिक शिक्षा विषय के पेपर में पूछ लिए 11वीं कक्षा के सवाल, परीक्षा रद्द
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- बोर्ड परीक्षा के दौरान जेके बोस की बड़ी लापरवाही आई सामने, जांच के लिए कमेटी गठित
- विद्यार्थियों का आरोप - परीक्षा अधीक्षक कुछ भी लिखने के लिए कह रहे थे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू/श्रीनगर। 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बुधवार को 12वीं के शारीरिक शिक्षा विषय का पेपर था, लेकिन विद्यार्थियों को दिए गए प्रश्नपत्र में सभी प्रश्न 11वीं कक्षा के सिलेबस से पूछे गए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद जेके बोस ने आनन-फानन इस विषय की परीक्षा रद्द कर दी और इस चूक की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें स्कूल शिक्षा निदेशक जम्मू और कश्मीर को शामिल किया गया है। समिति जांच करेगी कि यह चूक सुपरवाइजरी या प्रशासनिक स्तर पर हुई है। इसकी रिपोर्ट सात दिन के भीतर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव को सौंपनी होगी।
इसके साथ ही अब नए सिरे से इस विषय के लिए डेटशीट जारी की जाएगी। बुधवार को सॉफ्ट जोन में 12वीं कक्षा के फिजिकल एजुकेशन विषय की परीक्षा थी। परीक्षा केंद्र में जब विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र मिला तो उस पर 12वीं कक्षा लिखा था, लेकिन सभी प्रश्न 11वीं से पूछे गए थे। जब बच्चों ने इसका विरोध किया तो परीक्षा अधीक्षक ने बोर्ड के अधिकारियों को इस बात से अवगत करवाया, लेकिन इससे भी बड़ी बात यह थी कि बोर्ड अधिकारियों ने परीक्षा जारी रखने के लिए कह दिया। परीक्षा अधीक्षक बच्चों को कुछ भी लिखने के लिए कहने लगे। हालांकि बच्चों ने जब कड़ा विरोध जताया तब बोर्ड ने विषय का पेपर रद्द कर नए सिरे से परीक्षा लेने की बात कही। इसके साथ ही परीक्षा अधीक्षकों को प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं नजदीकी बोर्ड कार्यालयों में जमा करवाने के लिए कहा। बोर्ड परीक्षाओं के समय इस तरह की लापरवाही से विद्यार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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बच्चे बोले-शर्मनाक, कई रोते
हुए परीक्षा केंद्र से निकले
जम्मू शहर में बने परीक्षा केंद्रों में कई बच्चे रोते हुए बाहर आए। विद्यार्थियाें ने कहा कि परीक्षा केंद्र में मौजूद परीक्षा अधीक्षक उन पर उत्तर लिखने का दबाव बना रहे थे। उत्तर पुस्तिकाओं में कुछ भी लिखने को कहा जा रहा था। राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बख्शीनगर में परीक्षा देने आए विद्यार्थी आर्यन गुप्ता ने बताया कि काफी तैयारी की थी। प्रश्नपत्र पर लिखा था 12वीं कक्षा, लेकिन सभी प्रश्न 11वीं कक्षा के सिलेबस से थे। बोर्ड का काम परीक्षाएं करवाना ही होता है, लेकिन इस तरह की व्यवस्था काफी शर्मनाक है। बख्शीनगर गर्ल्स हाई सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा देने आई नीरब नास ने बताया कि सभी प्रश्न 11वीं कक्षा से पूछे गए थे और हमें उन्हें लिखने के लिए कहा जा रहा था। परीक्षा में देरी से अब हमारा जेई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का शेड्यूल बिगड़ गया है।
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जेके बोस के चेयरमैन बात करने को तैयार नहीं
बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि यह चूक प्रिंटिंग में हुई है। 11वीं कक्षा के प्रश्नपत्र पर 12वीं कक्षा लिखा गया है। इसके लिए जांच कमेटी बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच करेगी कि कहां पर चूक हुई है। इस संबंध में जब जम्मू-कश्मीर बोर्ड के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) परीक्षित सिंह मन्हास से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कई बार फोन करने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया।
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- विद्यार्थियों का आरोप - परीक्षा अधीक्षक कुछ भी लिखने के लिए कह रहे थे
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू/श्रीनगर। 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में जम्मू-कश्मीर स्कूल शिक्षा बोर्ड की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बुधवार को 12वीं के शारीरिक शिक्षा विषय का पेपर था, लेकिन विद्यार्थियों को दिए गए प्रश्नपत्र में सभी प्रश्न 11वीं कक्षा के सिलेबस से पूछे गए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद जेके बोस ने आनन-फानन इस विषय की परीक्षा रद्द कर दी और इस चूक की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया है, जिसमें स्कूल शिक्षा निदेशक जम्मू और कश्मीर को शामिल किया गया है। समिति जांच करेगी कि यह चूक सुपरवाइजरी या प्रशासनिक स्तर पर हुई है। इसकी रिपोर्ट सात दिन के भीतर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव को सौंपनी होगी।
इसके साथ ही अब नए सिरे से इस विषय के लिए डेटशीट जारी की जाएगी। बुधवार को सॉफ्ट जोन में 12वीं कक्षा के फिजिकल एजुकेशन विषय की परीक्षा थी। परीक्षा केंद्र में जब विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र मिला तो उस पर 12वीं कक्षा लिखा था, लेकिन सभी प्रश्न 11वीं से पूछे गए थे। जब बच्चों ने इसका विरोध किया तो परीक्षा अधीक्षक ने बोर्ड के अधिकारियों को इस बात से अवगत करवाया, लेकिन इससे भी बड़ी बात यह थी कि बोर्ड अधिकारियों ने परीक्षा जारी रखने के लिए कह दिया। परीक्षा अधीक्षक बच्चों को कुछ भी लिखने के लिए कहने लगे। हालांकि बच्चों ने जब कड़ा विरोध जताया तब बोर्ड ने विषय का पेपर रद्द कर नए सिरे से परीक्षा लेने की बात कही। इसके साथ ही परीक्षा अधीक्षकों को प्रश्नपत्र और उत्तर पुस्तिकाएं नजदीकी बोर्ड कार्यालयों में जमा करवाने के लिए कहा। बोर्ड परीक्षाओं के समय इस तरह की लापरवाही से विद्यार्थियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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बच्चे बोले-शर्मनाक, कई रोते
हुए परीक्षा केंद्र से निकले
जम्मू शहर में बने परीक्षा केंद्रों में कई बच्चे रोते हुए बाहर आए। विद्यार्थियाें ने कहा कि परीक्षा केंद्र में मौजूद परीक्षा अधीक्षक उन पर उत्तर लिखने का दबाव बना रहे थे। उत्तर पुस्तिकाओं में कुछ भी लिखने को कहा जा रहा था। राजकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बख्शीनगर में परीक्षा देने आए विद्यार्थी आर्यन गुप्ता ने बताया कि काफी तैयारी की थी। प्रश्नपत्र पर लिखा था 12वीं कक्षा, लेकिन सभी प्रश्न 11वीं कक्षा के सिलेबस से थे। बोर्ड का काम परीक्षाएं करवाना ही होता है, लेकिन इस तरह की व्यवस्था काफी शर्मनाक है। बख्शीनगर गर्ल्स हाई सेकेंडरी स्कूल में परीक्षा देने आई नीरब नास ने बताया कि सभी प्रश्न 11वीं कक्षा से पूछे गए थे और हमें उन्हें लिखने के लिए कहा जा रहा था। परीक्षा में देरी से अब हमारा जेई सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का शेड्यूल बिगड़ गया है।
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जेके बोस के चेयरमैन बात करने को तैयार नहीं
बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि यह चूक प्रिंटिंग में हुई है। 11वीं कक्षा के प्रश्नपत्र पर 12वीं कक्षा लिखा गया है। इसके लिए जांच कमेटी बनाई गई है, जो पूरे मामले की जांच करेगी कि कहां पर चूक हुई है। इस संबंध में जब जम्मू-कश्मीर बोर्ड के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) परीक्षित सिंह मन्हास से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कई बार फोन करने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया।