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Jammu News: किश्तवाड़ के बाद अब डोडा समेत अन्य जिलों के स्कूलों में होगी अटेंडेंस की जांच
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इंटरनेट कनेक्टिविटी बहाना, जवाबदेही से बचने के लिए जेके अटेंडेंस एप पर पंजीकृत नहीं हो रहे शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। इंटरनेट कनेक्टिविटी का बहाना बनाकर जवाबदेही से बचने के लिए सरकारी स्कूलों के शिक्षक जेके अटेंडेंस एप पर पंजीकृत नहीं हो रहे हैं, लेकिन अब ऐसे स्कूलों और शिक्षकों की खेर नहीं। स्कूल शिक्षा विभाग किश्तवाड़ के बाद अब डोडा सहित अन्य जिलों के स्कूलों में भी अटेंडेंस की समीक्षा करेगा, ताकि ऐसे स्कूलों व शिक्षकों की पहचान हो।
जेके अटेंडेंस एप से अटेंडेंस नहीं भेजने वाले शिक्षक या तो नियमित स्कूल नहीं आ रहे, जो आ रहे हैं वे पूरा समय नहीं दे रहे। किश्तवाड़ में ही ऐसे चार शिक्षक मिले हैं, जिसके बाद जिले के सभी स्कूलों में अटेंडेंस की समीक्षा की गई। जहां 143 सरकारी स्कूलों के शिक्षक जेके अटेंडेंस एप पर पंजीकृत ही नहीं हैं। इन स्कूलों में प्राइमरी व मिडिल स्कूल की संख्या सबसे ज्यादा है। स्कूल प्रमुख एप से अटेंडेंस नहीं भेजने के पीछे इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने का तर्क दे रहे हैं। जबकि किश्तवाड़ जोन में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या नहीं है। बावजूद इसके इस जोन के स्कूल भी एप से अटेंडेंस नहीं भेज रहे।
स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू के निदेशक अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि अन्य जिलों में भी स्कूलों की अटेंडेंस की समीक्षा की जा रहा है ताकि ऐसे स्कूलों को पता लगाया जा सके।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। इंटरनेट कनेक्टिविटी का बहाना बनाकर जवाबदेही से बचने के लिए सरकारी स्कूलों के शिक्षक जेके अटेंडेंस एप पर पंजीकृत नहीं हो रहे हैं, लेकिन अब ऐसे स्कूलों और शिक्षकों की खेर नहीं। स्कूल शिक्षा विभाग किश्तवाड़ के बाद अब डोडा सहित अन्य जिलों के स्कूलों में भी अटेंडेंस की समीक्षा करेगा, ताकि ऐसे स्कूलों व शिक्षकों की पहचान हो।
जेके अटेंडेंस एप से अटेंडेंस नहीं भेजने वाले शिक्षक या तो नियमित स्कूल नहीं आ रहे, जो आ रहे हैं वे पूरा समय नहीं दे रहे। किश्तवाड़ में ही ऐसे चार शिक्षक मिले हैं, जिसके बाद जिले के सभी स्कूलों में अटेंडेंस की समीक्षा की गई। जहां 143 सरकारी स्कूलों के शिक्षक जेके अटेंडेंस एप पर पंजीकृत ही नहीं हैं। इन स्कूलों में प्राइमरी व मिडिल स्कूल की संख्या सबसे ज्यादा है। स्कूल प्रमुख एप से अटेंडेंस नहीं भेजने के पीछे इंटरनेट कनेक्टिविटी न होने का तर्क दे रहे हैं। जबकि किश्तवाड़ जोन में इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या नहीं है। बावजूद इसके इस जोन के स्कूल भी एप से अटेंडेंस नहीं भेज रहे।
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स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू के निदेशक अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि अन्य जिलों में भी स्कूलों की अटेंडेंस की समीक्षा की जा रहा है ताकि ऐसे स्कूलों को पता लगाया जा सके।
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