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सरकारी विभागों के स्टोर पर विजिलेंस की नजर
अजय मीनिया/अमर उजाला, जम्मू
Updated Sun, 04 Jan 2015 08:26 PM IST
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विभिन्न सरकारी विभागों के स्टोर में खरीदे जाने वाले सामान पर विजिलेंस की नजर रहेगी। किसी भी सामान की खरीदारी करने के बाद उसकी जानकारी हर एक विभाग को अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर डालनी होगी। राज्य विजिलेंस आर्गेनाइजेशन ने सभी विभागों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिए हैं।
हर एक विभाग को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करना होगा। विजिलेंस के सचिव की ओर से इसे लेकर आदेश जारी किए गए हैं। सरकारी विभागों में टेंडर सिस्टम को पारदर्शी बनाने और ई-गवर्नेंस को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार जब किसी सरकारी विभाग को अपने स्टोर के लिए कोई सामान खरीदना होता है, उसके लिए टेंडरिंग की जाती है। इस टेंडरिंग को कुछ विज्ञापनों में भी प्रकाशित कर जारी कर दिया जाता है। विजिलेंस ने पाया कि कई ऐसे टेंडर हैं, जिसकी जानकारी सही लोगों तक पहुंचती ही नहीं।
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विभागों की मिलीभगत के चलते अपने ही कुछ लोगों को टेंडर जारी कर दिया जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। टेंडर से जुड़े सभी तरह के दस्तावेजों को हर एक विभाग को अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।
विजिलेंस का मानना है कि ऐसा होने से विभाग की टेंडरिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। उन्हीं लोगों को टेंडर जारी होंगे, जो विभाग को सही काम करके देंगे। जब विभाग की वेबसाइट पर जानकारी होगी, तो टेंडर की जानकारी सही तरह से जुटाई जा सकेगी।
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हर एक विभाग को इसे तत्काल प्रभाव से लागू करना होगा। विजिलेंस के सचिव की ओर से इसे लेकर आदेश जारी किए गए हैं। सरकारी विभागों में टेंडर सिस्टम को पारदर्शी बनाने और ई-गवर्नेंस को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐसा किया जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार जब किसी सरकारी विभाग को अपने स्टोर के लिए कोई सामान खरीदना होता है, उसके लिए टेंडरिंग की जाती है। इस टेंडरिंग को कुछ विज्ञापनों में भी प्रकाशित कर जारी कर दिया जाता है। विजिलेंस ने पाया कि कई ऐसे टेंडर हैं, जिसकी जानकारी सही लोगों तक पहुंचती ही नहीं।
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विभागों की मिलीभगत के चलते अपने ही कुछ लोगों को टेंडर जारी कर दिया जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। टेंडर से जुड़े सभी तरह के दस्तावेजों को हर एक विभाग को अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।
विजिलेंस का मानना है कि ऐसा होने से विभाग की टेंडरिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। उन्हीं लोगों को टेंडर जारी होंगे, जो विभाग को सही काम करके देंगे। जब विभाग की वेबसाइट पर जानकारी होगी, तो टेंडर की जानकारी सही तरह से जुटाई जा सकेगी।