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दवा घोटाला: डिप्टी कंट्रोलर ड्रग्स जांच के घेरे में
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Wed, 09 Mar 2016 05:25 PM IST
सार
- स्पेशल जज ने कहा कि जांच अधिकारी ने पहली चार्जशीट में डिप्टी ड्रग कंट्रोलर की संलिप्तता बताई।
- जांच एजेंसी को यह भी स्पष्ट करना होगा आखिर दवाओं के पर्याप्त परीक्षण से पूर्व ही इनकी सप्लाई कैसे कर दी गई।
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विस्तार
दवा घोटाला मामले में स्पेशल जज एंटी क्रप्शन जम्मू की अदालत ने डिप्टी ड्रग कंट्रोलर जम्मू को जांच के दायरे में लाने का आदेश जारी किया है। स्पेशल जज एके कौल ने जांच का दायरा बढ़ाने का आदेश जारी करने के अलावा मामले के जांच अधिकारी की चार्जशीट पर भी सवाल उठाए।
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स्पेशल जज ने कहा कि जांच अधिकारी ने पहली चार्जशीट में डिप्टी ड्रग कंट्रोलर की संलिप्तता बताई, जबकि सप्लीमेंट्री चार्जशीट में डिप्टी ड्रग कंट्रोलर को अपने स्तर पर ही निर्दोष बता दिया। जांच प्रक्रिया की इन परिस्थितियों को देखते हुए क्राइम ब्रांच को दो महीने में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया जाता है।
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स्पेशल जज ने अपने निर्देश में कहा कि डिप्टी कंट्रोलर ड्रग्स लोतिका खजूरिया दवा खरीद समिति की सदस्य थीं। इसके स्पष्ट प्रमाण भी हैं। ऐसे में अभियोजन प्रक्रिया के दौरान चुनिंदा सदस्यों को आरोपी बनाना सही नहीं होगा।
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उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने दवा खरीद मामले में वैरिफिकेशन बोर्ड सदस्यों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा की है, जबकि मामले की स्थिति को देखते हुए यह अनुशंसा उचित नजर नहीं आ रही।
इससे पहले मामले की पूरी तरह से जांच परख करनी जरूरी है। स्पेशल जज ने कहा जांच एजेंसी को उन सदस्यों की पहचान करनी होगा जो दवाओं की गुणवत्ता, क्षमता और शुद्धता सुनिश्चित करने के प्रति जवाबदेह हैं।
जांच एजेंसी को यह भी स्पष्ट करना होगा आखिर दवाओं के पर्याप्त परीक्षण से पूर्व ही इनकी सप्लाई कैसे कर दी गई। जांच पूरी करने के लिए जांच एजेंसी को दो महीने का समय दिया जाता है। स्पेशल जज ने जांच की प्रगति पर कहा क्राइम ब्रांच को पर्याप्त समय देने के बावजूद जांच अब तक अधूरी है।