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नशाखोरी पर रोक के लिए दवा नीति में होगा बदलाव

Wed, 07 Oct 2015 11:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर
ब्यूरो/अमर उजाला, श्रीनगर Updated Wed, 07 Oct 2015 11:17 AM IST
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drug policy will change in jammu and kashmir
कश्मीर सहित पूरी रियासत में नशाखोरी की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई गई। नशा के लिए कई दवाओं के धड़ल्ले से हो रहे इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए सरकार ने घोषणा की कि दवा नीति में बदलाव किया जाएगा ताकि यह दवाएं आसानी से उपलब्ध न हो सके।
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शून्यकाल के दौरान जावेद हसन बेग ने नशाखोरी पर प्रस्ताव लाते हुए चिंता जताई कि युवाओं में तेजी से यह लत बढ़ रही है। इसके चलते गांव तथा शहर में ऐसे लोगों को घृणा की दृष्टि से देखा जा रहा है।
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प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सदस्यों ने कहा कि इस पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक कार्रवाई करे। साथ ही ऐसे लोगों को घृणा की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि उन्हें समाज की मुख्य धारा में जोड़ा जाना चाहिए। इसके पीछे बेरोजगारी भी एक वजह है।
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चर्चा के दौरान स्वास्थ्य मंत्री चौधरी लाल सिंह ने कहा कि कश्मीर ही नहीं, बल्कि पूरी रियासत में नशाखोरी बढ़ रही है। नौवीं तथा दसवीं के बच्चे भी आदती हैं। बेरोजगारी इसके पीछे वजह नहीं है।


उन्होंने कहा कि दरअसल उनके पास स्वास्थ्य विभाग है जो प्रत्येक जिले में ड्रग डिएडिक्शन सेंटर खोल रहा है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग दवाओं पर भी रोक लगा सकता है, लेकिन यह जरूरी है कि एक नीति बननी चाहिए, जिससे किन दवाओं पर रोक लगनी है।

यह तय हो सके कि इस पर मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कहा कि दवा नीति में बदलाव होना चाहिए। यह उनका प्रस्ताव माना जाए।
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