फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   doctor's neglact miscarriage the eight month fetus

हद! दूसरे का इंजेक्शन गर्भवती को लगाकर करा दिया गर्भपात

Sat, 26 Jul 2014 10:26 PM IST
Updated Sat, 26 Jul 2014 10:26 PM IST
विज्ञापन
doctor's neglact miscarriage the eight month fetus

छन्नी हिम्मत के एक निजी नर्सिंग होम में लापरवाही से मां के पेट में पल रहे आठ माह के बच्चे की गर्भ में ही दर्दनाक मौत हो गई। नर्सिंग होम में महिला को सामान्य फ्ल्यूड देने की जगह उसे गर्भपात का इंजेक्शन दे दिया गया।

विज्ञापन


बताया जाता है कि घटना के दौरान किसी दूसरी महिला का गर्भपात कराना था लेकिन वहां ड्यूटी पर डाक्टर और अन्य स्टाफ ने यह जानना भी जरूरी नहीं समझा कि वे किस मरीज को क्या इलाज दे रहे हैं।
विज्ञापन


घर वालों का आरोप है कि वे बार-बार महिला को सामान्य फ्ल्यूड चढ़ाने की बात कहते रहे लेकिन उनकी एक न सुनी गई। छन्नी हिम्मत पुलिस ने एक डाक्टर और दो पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सामान्य चेकअप के लिए लाए थे अस्पताल

doctor's neglact miscarriage the eight month fetus
डुंगी ब्राह्मण (राजोरी) निवासी राकेश कुमार ने बताया कि वह गत वीरवार को अपनी गर्भवती पत्नी स्तुति शर्मा (26) को सामान्य चेकअप के  लिए जम्मू लाए थे।

एसएमजीएस में कार्यरत एक गायनी की डाक्टर डा. इंदु कौल को दिखाने के बाद उन्होंने महिला में फ्ल्यूड थोड़ा कम होने की बात कही, जिसके बाद वह गत शुक्रवार को छन्नी हिम्मत के एक निजी नर्सिंग होम में फ्ल्यूड चढ़ाने के लिए ले गए।

लेकिन वहां पहुंचने पर ड्यूटी पर डाक्टर और अन्य पैरामेडिकल स्टाफ ने उन्हें यूनिफार्म पहनकर आपरेशन थियेटर में जाने को कहा और एक दवाइयों की स्लिप हाथ में थमा दी।

बात खुलने पर चुपचाप भेज दिया घर

doctor's neglact miscarriage the eight month fetus

जब दवाई विक्रेता के पास दवाइयों और अन्य उपकरणों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसे गर्भपात करवाने का सामान बताया, जिससे राकेश के पांव तले जमीन निकल गई।

जब तक वह ओटी में वापस पहुंचता, तब तक स्तुति को कई इंजेक्शन दिए जा चुके थे। असलियत का पता चलने पर नर्सिंग होम प्रशासन के भी होश उड़ गए और घर वालों को कोई दवाई न देने की बात कह कर घर भेज दिया गया।

 मगर शाम सात बजे स्तुति को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। उसे दोबारा नर्सिंग होम में लाया गया। जहां उसने आठ माह के मृत बच्चे (लड़के) को जन्म दिया।

हिरासत में लिए गए आरोपी डॉक्टर व स्टाफ

doctor's neglact miscarriage the eight month fetus

इस दर्दनाक घटना के बाद स्तुति होश खो चुकी है। राकेश को भी कुछ समझ नहीं आ रहा था कि उस पर यह पहाड़ कैसे गिर गया।

स्तुति की मां अनीता शर्मा और राकेश की माता निर्मल कुमारी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। इस मामले को देख रही डा. इंदु कौल का कहना था कि बच्चे की हालत पहले से ही खराब थी और इसके बारे में घर वालों को बताया गया था।

एसडीपीओ जम्मू ईस्ट डीएसपी रफीक मन्हास के अनुसार इस मामले में एफआईआर 66/2014, अंडर सेक्शन 304-ए और 313 आरपीसी के तहत डाक्टर अमरजीत सिंह सहित ड्यूटी पर तैनात दो पैरामेडिकल स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सभी को हिरासत में ले लिया गया है।

पीड़िता के मेडिकल के लिए भटकते रहे घरवाले

doctor's neglact miscarriage the eight month fetus

राकेश कुमार का आरोप है कि जब जीएमसी में बच्चे का पोस्टमार्टम करवाकर पत्नी स्तुति को लेकर मेडिकल चेकअप के लिए वह एसएमजीएस अस्पताल पहुंचे तो उन्हें घंटों भटकना पड़ा।

अस्पताल में दोपहर को पहुंचने के बावजूद स्तुति का शाम को घंटों बाद मेडिकल किया गया। उन्हें तर्क दिया जाता रहा कि यहां ऐसे मामलों का मेडिकल नहीं होता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि डाक्टरों के दबाव के कारण ही उन्हें मेडिकल के लिए बेवजह देरी की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed