{"_id":"6092e7498ebc3ecd8c08a192","slug":"doctor-advised-jammu-city-news-jmu2347569153","type":"story","status":"publish","title_hn":"घर में उपचार के दौरान हवादार कमरे में रहें मरीज: डा. लाहोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घर में उपचार के दौरान हवादार कमरे में रहें मरीज: डा. लाहोरी
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जम्मू। प्रदेश में लगातार संक्रमण बढ़ता जा रहा है। इससे अस्पतालों में मरीजों की संख्या रोज बढ़ती जा रही है। चिकित्सकों ने बताया कि शरीर में आक्सीजन की मात्रा 90 से कम होने पर तुरंत अस्पताल का रुख करना चाहिए।
गांधीनगर अस्पताल के सीनियर एनेसथीसिया और पेन एंड पैलेटिव केयर विभाग के डा. रोहित लाहोरी ने बताया कि जिन मरीजों की हालत ज्यादा गंभीर नहीं है उन्हें घर पर ही रहकर एसओपी का पालन कर दवाईयों का सेवन करना चाहिए। कोरोना से संक्रमित मरीज को हवादार कमरे में रहना चाहिए। जिस कमरे में हवा क्रास नहीं होती वहां मरीज के लिए स्वास्थ्य संबंधी परेशानी पैदा होने की आशंका बनी रहती है। मरीज को कमरे में अकेले रहकर संतुलित आहार लेना चाहिए। परिजनों को उसका हौसला बढ़ाते रहना चाहिए। इससे उसे जल्द स्वस्थ होने में मदद मिलेगी।
डा. लाहोरी ने बताया कि मरीज को अस्पताल पहुंचने के बाद तीमारदार को उसे चिकित्सकों की निगरानी में छोड़ देना चाहिए। किसी प्रकार का अनावश्यक हस्तक्षेप डाक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ के कामकाज में नहीं करना चाहिए। अस्पतालों में मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार दिया जाता है। जो गंभीर हालत में उन्हें पहले उपचार दिया जाता है। ऐसे में संयम व सहनशीलता का परिचय मरीजों व तीमारदारों को देने की जरूरत हैं। तभी अस्पतालों में सभी मरीजों का सही तरीके से उपचार होगा।
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क्या करें
रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर घबराएं नहीं।
संतुलित आहार व स्वच्छ जल का सेवन करते रहें।
खुश रहे और दूसरों में भी खुशी बांटे।
क्या न करें
मानसिक तनाव हावी न होने दें।
गुस्सा न करें, इससे और दिक्कत बढ़ेगी।
कोविड विषय पर बातें कम से कम करें।
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गांधीनगर अस्पताल के सीनियर एनेसथीसिया और पेन एंड पैलेटिव केयर विभाग के डा. रोहित लाहोरी ने बताया कि जिन मरीजों की हालत ज्यादा गंभीर नहीं है उन्हें घर पर ही रहकर एसओपी का पालन कर दवाईयों का सेवन करना चाहिए। कोरोना से संक्रमित मरीज को हवादार कमरे में रहना चाहिए। जिस कमरे में हवा क्रास नहीं होती वहां मरीज के लिए स्वास्थ्य संबंधी परेशानी पैदा होने की आशंका बनी रहती है। मरीज को कमरे में अकेले रहकर संतुलित आहार लेना चाहिए। परिजनों को उसका हौसला बढ़ाते रहना चाहिए। इससे उसे जल्द स्वस्थ होने में मदद मिलेगी।
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डा. लाहोरी ने बताया कि मरीज को अस्पताल पहुंचने के बाद तीमारदार को उसे चिकित्सकों की निगरानी में छोड़ देना चाहिए। किसी प्रकार का अनावश्यक हस्तक्षेप डाक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ के कामकाज में नहीं करना चाहिए। अस्पतालों में मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार दिया जाता है। जो गंभीर हालत में उन्हें पहले उपचार दिया जाता है। ऐसे में संयम व सहनशीलता का परिचय मरीजों व तीमारदारों को देने की जरूरत हैं। तभी अस्पतालों में सभी मरीजों का सही तरीके से उपचार होगा।
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क्या करें
रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर घबराएं नहीं।
संतुलित आहार व स्वच्छ जल का सेवन करते रहें।
खुश रहे और दूसरों में भी खुशी बांटे।
क्या न करें
मानसिक तनाव हावी न होने दें।
गुस्सा न करें, इससे और दिक्कत बढ़ेगी।
कोविड विषय पर बातें कम से कम करें।