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JK के मदरसों में शिक्षा के नाम पर करोड़ों की बंदरबांट

Fri, 17 Oct 2014 10:02 AM IST
Updated Fri, 17 Oct 2014 10:02 AM IST
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distributed millions in the name of education in madrasas

नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) ने जम्मू-कश्मीर के 372 मदरसों में करोड़ों रुपये की धांधली का मामला उजागर किया है। कैग ने सीधी टिप्पणी की है कि नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों रुपये मदरसों को दिए गए, जबकि दिशा-निर्देशों के मुताबिक ये मदरसे मानक पूरा नहीं कर रहे थे।

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इसके बावजूद पिछले साल मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राज्य सरकार को 8.86 करोड़ रुपये जारी कर दिए। कैग ने इस बारे में मानव संसाधन मंत्रालय से जवाब मांगा तब जाकर मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार को जानकारी जुटाने के लिए पत्र लिखा।
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पिछले साल जुलाई और अगस्त में राज्य सरकार से पत्र लिखकर पूछा गया कि उनकी ओर से जिन मदरसों को धन देने की सिफारिश की गई थी, उनको प्रमाणित करने के संबंध में दस्तावेज भेजे जाएं।

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कैग के सवाल उठाने के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया

distributed millions in the name of education in madrasas

मामले में राज्य सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद 29 मई को भी मंत्रालय ने चिट्ठी लिखी, मगर कोई जवाब नहीं आया। राज्य सरकार यह साबित नहीं कर पा रही है कि जिन मदरसों को धन दिए गए वे योजना के दिशा-निर्देशों पर खरे उतरते थे।

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की आंतरिक बैठक में कैग की ओर से उठाए गए सवालों पर विचार विमर्श हुआ है। मंत्रालय की खुद की आंतरिक रिपोर्ट में इस मामले को ऐसी सूची में डाला गया है, जिस पर कैग के सवाल उठाने के बावजूद ध्यान नहीं दिया गया। अब मंत्रालय जम्मू-कश्मीर सरकार के जवाब के इंतजार में है।

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