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Jammu News: सुविधाएं नदारद, अभिभावकों को बांट रहे सूखा राशन
Wed, 12 Jun 2024 06:04 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Wed, 12 Jun 2024 06:04 AM IST
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शहर के आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं का टोटा
रसोई तक की नहीं है सुविधा, गैस भी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। सरकार की तरफ से प्रत्येक वार्ड में खोले गए आंगनबाड़ी केंद्र में सुविधाओं का अभाव है। इसमें बच्चों के लिए हर रोज अलग-अलग मैन्यू होता है। केंद्र में एक वर्कर व साथ में खाना बनाने के लिए एक हेल्पर को भी नियुक्त किया गया है।
हालत यह है कि कई केंद्रों में रसोई तक की सुविधा नहीं है, गैस नहीं है। ऐसे में कुछ केंद्र में वर्कर की ओर से बच्चों के अभिभावकों को सूखा राशन ही बांटा जा रहा है। स्थानीय निवासी विनोद सिंह, राज कुमार, सुरिंदर कुमार के अनुसार सरकार की ओर से छोटे बच्चों के पालन पोषण के लिए केंद्र खोले गए थे, लेकिन कुछ केंद्र सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जानकारी के अनुसार राशन को पकाकर बच्चों को खिलाया जाना होता है। इसमें हर रोज 50 ग्राम बच्चों को व एक सो ग्राम महिलाओं के लिए खुराक होती है हर रोज नया नया पकवान दिया जाता है, जबकि एक केंद्र में 25 से 30 तक हाजिरी रहती है। कुछ केंद्रों में तो पांच व छह बच्चे ही होते हैं। ऐसे में केंद्र में नियुक्त वर्कर लोगों के घरों में ही सूखा राशन बांट देती हैं। लोगों के शिकायत करने के बावजूद कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। लोगों के अनुसार वह उपायुक्त से भेंट कर उन्हें भी इस बारे में अवगत करवाएंगे।
विभाग की ओर से केंद्र चला रही वर्कर को आदेश दिया गया है कि वह राशन को पका कर ही बच्चों को दिया जाए, कोविड के दौरान सूखा राशन के आदेश थे, लेकिन अब यदि कोई सूखा राशन देंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शीतल हंस
सीडीपीओ, वाल विकास विभाग सांबा।
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रसोई तक की नहीं है सुविधा, गैस भी नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। सरकार की तरफ से प्रत्येक वार्ड में खोले गए आंगनबाड़ी केंद्र में सुविधाओं का अभाव है। इसमें बच्चों के लिए हर रोज अलग-अलग मैन्यू होता है। केंद्र में एक वर्कर व साथ में खाना बनाने के लिए एक हेल्पर को भी नियुक्त किया गया है।
हालत यह है कि कई केंद्रों में रसोई तक की सुविधा नहीं है, गैस नहीं है। ऐसे में कुछ केंद्र में वर्कर की ओर से बच्चों के अभिभावकों को सूखा राशन ही बांटा जा रहा है। स्थानीय निवासी विनोद सिंह, राज कुमार, सुरिंदर कुमार के अनुसार सरकार की ओर से छोटे बच्चों के पालन पोषण के लिए केंद्र खोले गए थे, लेकिन कुछ केंद्र सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जानकारी के अनुसार राशन को पकाकर बच्चों को खिलाया जाना होता है। इसमें हर रोज 50 ग्राम बच्चों को व एक सो ग्राम महिलाओं के लिए खुराक होती है हर रोज नया नया पकवान दिया जाता है, जबकि एक केंद्र में 25 से 30 तक हाजिरी रहती है। कुछ केंद्रों में तो पांच व छह बच्चे ही होते हैं। ऐसे में केंद्र में नियुक्त वर्कर लोगों के घरों में ही सूखा राशन बांट देती हैं। लोगों के शिकायत करने के बावजूद कोई उचित कदम नहीं उठाया जा रहा है। लोगों के अनुसार वह उपायुक्त से भेंट कर उन्हें भी इस बारे में अवगत करवाएंगे।
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विभाग की ओर से केंद्र चला रही वर्कर को आदेश दिया गया है कि वह राशन को पका कर ही बच्चों को दिया जाए, कोविड के दौरान सूखा राशन के आदेश थे, लेकिन अब यदि कोई सूखा राशन देंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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शीतल हंस
सीडीपीओ, वाल विकास विभाग सांबा।