ये विस्थापित पंडितों को घाटी में नहीं बसने देंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आतंकी संगठन अल उमर के चीफ मुश्ताक अहमद जरगर ने चेतावनी दी है कि विस्थापित कश्मीरी पंडितों को फिर से घाटी में बसने नहीं दिया जाएगा। जरगर ने 27 अक्टूबर को ब्लैक डे के रूप में मनाने की अपील करने के साथ ही कश्मीर बंद की काल भी दी है।
जरगर द्वारा एक स्थानीय एजेंसी को दिए गए बयान में कहा गया है कि मोदी और मुफ्ती की घाटी में विस्थापित कश्मीरी पंडितों को अलग कालोनियां बनाकर बसाने की कोशिश को वो कभी कामयाब नहीं होने देगा।
जरगर ने मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कठपुतली बताया और चेतावनी दी कि विस्थापित कश्मीरी पंडितों के लिए अलग कालोनियां बनाने की योजना का सख्ती से विरोध किया जाएगा।
इन्होंने पैदा की थी दूरियां
अल उमर के चीफ द्वारा जगमोहन को कश्मीरी पंडितों के विस्थापन का जिम्मेदार ठहराया गया। जरगरने कहा कि जगमोहन ही थे जिन्होंने कश्मीरी मुसलमानों और कश्मीरी पंडितों के बीच दूरियां पैदा कीं।
कहा कि कई कश्मीरी पंडित परिवार अभी भी घाटी में रह रहे हैं और यहां से नहीं भागे। उन्हें किसी ने नहीं धमकाया और न ही किसी ने कोई नुकसान पहुंचाया।
कहा कि हम भविष्य में भी उन कश्मीरी पंडितों की रक्षा करेंगे, लेकिन, हम जगमोहन के इशारे पर घाटी छोड़ने वाले कश्मीरी पंडितों को कभी भी यहां दोबारा बसने की अनुमति नहीं देंगे।