मनमोहन मूक थे तो मोदी उससे बड़े मूक: दिग्विजय
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कई मुद्दों और विवादों पर चुप्पी साधने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर
वह ब्लैक मनी पर चुप हैं। पाकिस्तान और चीन के मुद्दों पर शांत हैं। वह तमाम संवेदनशील मुद्दों पर नहीं बोल रहे हैं। उनकी सरकार का ध्यान सिर्फ योगा में है।’ दिग्विजय ने 1977 को याद करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा इमरजेंसी लागू करने के बाद कांग्रेस को पराजय का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि यह सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए सबक है और प्रधानमंत्री मोदी सहित तमाम नेताओं को इससे सबक लेना चाहिए। दोहरे चरित्र के लिए भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह भाजपा को भिन्न पार्टी बताते हैं। राजनाथ सिंह कहते हैं कि यह सिर्फ यूपीए सरकार थी, जिनके मंत्री इस्तीफा देते थे।
'एनडीए सरकार के मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे'
लेकिन एनडीए सरकार के
मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि लोग भले ही कुछ भी कहें या
भाजपा के नेता कितना बड़ा अपराध क्यों न करें, वह इस्तीफा नहीं देंगे। इससे
एक फासिस्ट की मानसिकता झलकती है। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे
को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि तथ्योें की जानकारी न होने की बात
साबित करने के लिए किसी भी स्तर पर जांच सकते हैं।
उन्होंने एक दस्तावेज पर
हस्ताक्षर किए, जिसमें उसने याचिकाकर्ता (ललित मोदी) के आवेदन का समर्थन
किया कि उसे यात्रा करने दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कृपया इसे भारतीय
अथारिटी को न बताया जाए। उल्लेखनीय है कि 2010 में ईडी जांच शुरू होने के
बाद से ललित मोदी लंदन में रह रहे हैं और उन्होंने पुर्तगाल की यात्रा की
इजाजत देने का आग्रह किया था। ताकि वह अपनी बीमार पत्नी को मिल सकें।