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Jammu News: दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा प्रदेश, पाली जाएंगी एचएफ जर्सी व साहिवाल नस्ल की गाय
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- 2027 तक उत्पादन 45 लाख मीट्रिक टन पहुंचाने की योजना
- 32 लाख एमटी उत्पादन हो रहा सालाना, डिमांड 40 लाख एमटी तक
- खोली जाएंगी पांच हजार डेयरियां, सब्सिडी पर पशु खरीद सकेंगे पशुपालक
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए एचएफ जर्सी और साहिवाल नस्ल की गायों को पाला जाएगा। पशुपालन विभाग का 2027 तक दूध उत्पादन 45 लाख मीट्रिक टन (एमटी) तक पहुंचाने का लक्ष्य है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा समय में 32 लाख एमटी उत्पादन सालाना हो रहा है, जबकि डिमांड 40 लाख एमटी के आसपास है। पड़ोसी राज्यों से भी दूध जम्मू पहुंचता है, लेकिन अब दूध उत्पादन में जम्मू-कश्मीर आत्मनिर्भर बनेगा।
पशुपालन विभाग के अनुसार, दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत किस्म के दुधारू पशु खरीदे जाएंगे और इन्हें सब्सिडी पर पशुपालकों को मुहैया करवाया जाएगा। मौजूदा नस्ल में भी सुधार किया जाएगा। प्रदेश में पांच हजार से ज्यादा डेयरियां खोली जाएंगी। प्रदेश में प्रतिदिन 28 हजार मीट्रिक टन दूध की आपूर्ति होती है। इसमें 16 हजार मीट्रिक टन जम्मू संभाग तो 12 हजार मीट्रिक टन आपूर्ति कश्मीर संभाग से हो रही है। पंजाब में एचएफ जर्सी नस्ल की गाय प्रति दिन 83 लीटर तक दूध दे रही है। हिमाचल में 53 लीटर के आसपास दूध इन गायों से निकाला जा रहा है।
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जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2027 तक दूध का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी है। पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पशुपालकों को एचएफ जर्सी व साहिवाल नस्ल की गायें सब्सिडी पर मुहैया करवाई जाएंगी। नई डेयरियां खोली जाएंगी।
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- परविंद्र सूदन, निदेशक, पशुपालन विभाग
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- 32 लाख एमटी उत्पादन हो रहा सालाना, डिमांड 40 लाख एमटी तक
- खोली जाएंगी पांच हजार डेयरियां, सब्सिडी पर पशु खरीद सकेंगे पशुपालक
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए एचएफ जर्सी और साहिवाल नस्ल की गायों को पाला जाएगा। पशुपालन विभाग का 2027 तक दूध उत्पादन 45 लाख मीट्रिक टन (एमटी) तक पहुंचाने का लक्ष्य है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मौजूदा समय में 32 लाख एमटी उत्पादन सालाना हो रहा है, जबकि डिमांड 40 लाख एमटी के आसपास है। पड़ोसी राज्यों से भी दूध जम्मू पहुंचता है, लेकिन अब दूध उत्पादन में जम्मू-कश्मीर आत्मनिर्भर बनेगा।
पशुपालन विभाग के अनुसार, दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए उन्नत किस्म के दुधारू पशु खरीदे जाएंगे और इन्हें सब्सिडी पर पशुपालकों को मुहैया करवाया जाएगा। मौजूदा नस्ल में भी सुधार किया जाएगा। प्रदेश में पांच हजार से ज्यादा डेयरियां खोली जाएंगी। प्रदेश में प्रतिदिन 28 हजार मीट्रिक टन दूध की आपूर्ति होती है। इसमें 16 हजार मीट्रिक टन जम्मू संभाग तो 12 हजार मीट्रिक टन आपूर्ति कश्मीर संभाग से हो रही है। पंजाब में एचएफ जर्सी नस्ल की गाय प्रति दिन 83 लीटर तक दूध दे रही है। हिमाचल में 53 लीटर के आसपास दूध इन गायों से निकाला जा रहा है।
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जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2027 तक दूध का उत्पादन बढ़ाने की तैयारी है। पशुपालन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए पशुपालकों को एचएफ जर्सी व साहिवाल नस्ल की गायें सब्सिडी पर मुहैया करवाई जाएंगी। नई डेयरियां खोली जाएंगी।
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- परविंद्र सूदन, निदेशक, पशुपालन विभाग