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जम्मू-कश्मीरः विकास बोर्ड खत्म, हर जिले में होगी जिला योजना समिति
Mon, 19 Oct 2020 12:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू/नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 19 Oct 2020 12:45 AM IST
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जम्मू-कश्मीर में जिला स्तर पर वार्षिक बजट जारी करने वाले विकास बोर्ड अब नहीं होंगे। बोर्ड की जगह जिला विकास परिषद लेगी। हर जिले में एक जिला योजना समिति होगी। इस समिति का काम विकास का खाका तैयार करना होगा। कार्यों की प्राथमिकता से लेकर अविलंब क्रियान्वयन की रूपरेखा यही समिति तैयार करेगी। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने जम्मू-कश्मीर पंचायती राज कानून, 1989 में संशोधन को लेकर आदेश जारी किया।
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पूर्ववर्ती व्यवस्था में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री जिला विकास बोर्ड के अध्यक्ष हुआ करते थे। जम्मू-कश्मीर पंचायती राज रूल्स 1996 में संशोधन के बाद बोर्ड के तमाम अधिकार विकास परिषदों के पास होंगे। विधानसभा चुनाव होने के बाद विधायकों को भी विकास परिषद की सदस्यता दी जाएगी। सत्ता विकेंद्रीकरण के लिहाज से इस महत्वपूर्ण बदलाव की खास बात है कि जिला विकास परिषद के पास सरकारी विभागों की योजनाएं बनाने और कामकाज की निगरानी करने के अधिकार भी होंगे।
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ये विभाग परिषद के अधीन
स्थानीय निकाय क्षेत्रों को छोड़ पूरे जिले में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी, उपभोक्ता मामले एवं जनवितरण, शिक्षा, वन, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उद्योग एवं वाणिज्य, लोक निर्माण, जलशक्ति, राजस्व, सामाजिक कल्याण, पर्यटन और ग्रामीण विकास विभाग जिला विकास परिषद के अधीन होंगे। परिषद के पास इन विभागों की योजनाएं बनाने से लेकर निगरानी के अधिकार होंगे।
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ऐसे काम करेगा त्रि-स्तरीय पंचायती राज
जिले में पंचायत, ब्लॉक और जिला परिषद होगी। पंचायत स्तर पर अगले एक वर्ष के लिए विकास योजना तैयार की जाएगी जिसे ब्लॉक विकास परिषद को सौंपा जाएगा। इसे ग्राम पंचायत विकास योजना कहा जाएगा। पंचायत विकास योजना का खाका तैयार करने की प्रक्रिया हर साल 2 अक्तूबर को शुरू होगी और 31 दिसंबर को संपन्न हो जाएगी। पंचायतों का विकास प्लान ब्लॉक विकास परिषद जिला विकास परिषद को जमा करवाएगी, जहां से अंतिम मंजूरी दी जाएगी।