जम्मू-कश्मीरः लोकतांत्रिक सरकार के लिए अभी करना पड़ेगा लंबा इंतजार
केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक सरकार के लिए अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा। विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही विधानसभा के चुनाव हो पाएंगे। परिसीमन की प्रक्रिया के पूरा होने में कम से कम एक साल का समय लगना तय है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार की तरफ से परिसीमन आयोग का गठन कर दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष प्रदेश के सांसदों को सहयोगी सदस्य मनोनीत कर चुके हैं, लेकिन कोरोना काल में आयोग ने अभी अपना काम शुरू नहीं किया है।
परिसीमन की प्रकिया पूरी होने में एक साल तक का समय लगेगा ही। इससे साफ है कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही हो पाएंगे। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम 2019 के तहत जम्मू-कश्मीर में विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के बाद सात विधानसभा सीटों की बढ़ोतरी होगी।
इन सात विधानसभा सीटों में कश्मीर संभाग में कितनी सीटें बढ़ेंगी और जम्मू संभाग में कितनी सीटें बढ़ेंगी इसका पता परिसीमन के बाद ही चलेगा, लेकिन 2011 की जनगणना के तहत परिसीमन आयोग अपना काम करेगा।
ऐसे में कोरोना काल के बाद भी जल्द विधानसभा चुनाव के आसार नहीं हैं। पंचायतों के उप चुनाव हालांकि कोरोना काल के बाद कराने की तैयारी नए सिरे से प्रदेश प्रशासन की तरफ से की जाएगी।