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नुकसान की भरपाई के लिए दिया जाए विशेष पैकेज
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दोमाना। किसान बोर्ड के पूर्व उपचेयरमैन दलजीत चिब के नेतृत्व में किसान संघाें का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को उपराज्यपाल के सलाहकार फारूक खान से मिला। इस दौरान 23 अक्तूबर को भारी बारिश और ओलावृष्टि से हुए फसलों के नुकसान का मुद्दा उठाया गया। साथ ही विशेष पैकेज देने की मांग उठाई है।
दलजीत चिब ने बताया कि करीब 55000 हेक्टेयर धान को नुकसान हुआ है। इससे करीब 1.80 लाख किसान प्रभावित हुए हैं। धान की खेती की लागत लगभग 2800 रुपये प्रति कनाल है। भारी बारिश और ओलावृष्टि से कुछ इलाकों में मक्की सहित पत्ता गोभी, आलू आदि सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। इसलिए किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जाए। क्योंकि अधिकतम किसानों की फसल का बीमा नहीं हुआ है। वहीं, मुआवाजा पंजाब और दिल्ली सरकार की तर्ज पर देने की मांग की है। साथ ही किसानों के सभी केसीसी ऋण माफ करने और अगली फसल के बीज पर 100 प्रतिशत सब्सिडी देने भी अपील की। सलाहकार फारूक खान ने किसानों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल में जम्मू-कश्मीर कृषि उद्यमिता विकास संघ के अध्यक्ष कुलभूषण खजूरिया, राष्ट्रीय किसान संगठन के अध्यक्ष शिव देव सिंह, तहरीक-ए-किसान जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष किशोर कुमार, आलू उत्पादक संघ के अध्यक्ष बसंत सैनी, भारतीय कृषक समाज के अध्यक्ष रघुनंदन खजूरिया, बासमती उत्पादक संघ के उपाध्यक्ष विजय चौधरी, सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष पीएन पाड़ा आदि शामिल रहे।
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दलजीत चिब ने बताया कि करीब 55000 हेक्टेयर धान को नुकसान हुआ है। इससे करीब 1.80 लाख किसान प्रभावित हुए हैं। धान की खेती की लागत लगभग 2800 रुपये प्रति कनाल है। भारी बारिश और ओलावृष्टि से कुछ इलाकों में मक्की सहित पत्ता गोभी, आलू आदि सब्जियों की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। इसलिए किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जाए। क्योंकि अधिकतम किसानों की फसल का बीमा नहीं हुआ है। वहीं, मुआवाजा पंजाब और दिल्ली सरकार की तर्ज पर देने की मांग की है। साथ ही किसानों के सभी केसीसी ऋण माफ करने और अगली फसल के बीज पर 100 प्रतिशत सब्सिडी देने भी अपील की। सलाहकार फारूक खान ने किसानों को सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
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इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल में जम्मू-कश्मीर कृषि उद्यमिता विकास संघ के अध्यक्ष कुलभूषण खजूरिया, राष्ट्रीय किसान संगठन के अध्यक्ष शिव देव सिंह, तहरीक-ए-किसान जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष किशोर कुमार, आलू उत्पादक संघ के अध्यक्ष बसंत सैनी, भारतीय कृषक समाज के अध्यक्ष रघुनंदन खजूरिया, बासमती उत्पादक संघ के उपाध्यक्ष विजय चौधरी, सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष पीएन पाड़ा आदि शामिल रहे।
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