किसी भी बड़े शहर से नहीं गुजरेगा दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे, पहले चरण का काम शुरू
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60 हजार करोड़ की महत्वाकांक्षी दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे परियोजना में जम्मू-कश्मीर की एलाइनमेंट(संरेखण) फाइनल हो गई है। जम्मू-कश्मीर में एक्सप्रेस-वे पठानकोट से प्रदेश में कीड़ियां गंडियाल पंचायत से दाखिल होगा। खास बात है कि प्रदेश में कटड़ा तक एक्सप्रेस-वे किसी भी प्रमुख शहर और कस्बे से होकर नहीं गुजरेगा।
जम्मू-कश्मीर में 105 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे पठानकोट से कीड़ियां गंडियाल के बाद कठुआ शहर को बाईपास कर सकताचक के पास जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे से मिलेगा। इसके बाद चड़वाल और सांबा को बाईपास करते हुए यह एक्सप्रेस-वे विजयपुर, बिश्नाह, आरएस पुरा और फिर अखनूर रोड के रास्ते दोमेल में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे से मिलेगा। इस तरह जम्मू शहर भी एक्सप्रेस-वे से पूरी तरह से बाईपास हो जाएगा।
एक्सप्रेस-वे की कुल लंबाई 575 किलोमीटर है। हरियाणा में 170, पंजाब में 300 और जम्मू-कश्मीर में इस एक्सप्रेस-वे की लंबाई 105 किलोमीटर निर्धारित की गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पहले चरण में दिल्ली से 30 हजार करोड़ की लागत से निर्माण शुरू हो चुका है। अगले साल दूसरे चरण में 30 हजार करोड़ की लागत से काम होगा। जम्मू-कश्मीर इसी में शामिल है।
जल्द ही जारी हो सकती है ये अधिसूचना
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की ओर से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के राजस्व विभाग को भूमि अधिग्रहण के लिए एलाइनमेंट में आ रहे गांव अधिसूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही अधिसूचना जारी हो सकती है।
भूमि अधिग्रहण की सूची प्रस्तावित करें कलेक्टर
एनएचएआई ने वित्तीय आयुक्त को अधिसूचना का हवाला देते हुए कलेक्टर को भूमि अधिग्रहण की सूची प्रस्तावित करने के लिए लिखा है। उपायुक्तों की ओर से राजस्व विभाग के अधिकारियों को मनोनीत किए जाने के बाद एनएचएआई केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को सूची मंजूरी के लिए भेजेगा। इसके कुछ ही महीनों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर में काम अगले वर्ष तक शुरू हो जाएगा। प्राधिकरण की ओर से प्रदेश सरकार को कलेक्टरों से भूमि अधिग्रहण की सूची उपलब्ध करवाने के लिए लिखा गया है। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही काम की टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू होगी।- अजय कुमार रजक, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई