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J&K: गीता-रामायण के उर्दू संस्करण को स्कूलों के लाइब्रेरी में रखने का फैसला 24 घंटे में वापस

Wed, 24 Oct 2018 03:27 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर Updated Wed, 24 Oct 2018 03:27 AM IST
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decision withdraw within 24 hours to keep Urdu version of Geeta-Ramayana in library of schools
प्रतीकात्मक तस्वीर

स्कूली बच्चों के पढ़ने के लिए भागवत गीता और रामायण के उर्दू संस्करण स्कूल की लाइब्रेरियों में रखने के फैसले को राज्यपाल शासन ने वापस ले लिया है। इस संबंध में मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने आदेश जारी कर दिया है। अमर उजाला ने इस खबर को मंगलवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

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राज्य सरकार ने 4 अक्तूबर को हुई एक बैठक में शिक्षा निदेशक जम्मू और कश्मीर को गीता और रामायण धार्मिक ग्रंथ खरीदने के आदेश दिए थे। पहले दिए आदेश के अनुसार भागवत गीता और रामायण के उर्दू संस्करण को शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और कॉलेजों के अलावा संस्कृति विभाग की लाइब्रेरी में रखा जाना था।
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उमर अब्दुल्ला ने उठाए थे सवाल
इस फैसले पर कई तरह की आपत्तियां आई थीं। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर इस पर प्रश्न उठाए थे। उन्होंने अन्य धर्मों को दरकिनार करने की बात कही थी। साथ ही उन्होंने कहा था कि गीता और रामायण ही क्यों, अन्य धार्मिक ग्रंथों को क्यों नहीं रखा जा रहा है।

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