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साइबर सुरक्षा: बस आपकी अंगुली का एक इशारा, पैसा पहुंच जाएगा जामताड़ा, इन बातों का रखें ध्यान
Thu, 08 Jun 2023 05:20 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Thu, 08 Jun 2023 05:20 PM IST
सार
जम्मू साइबर पुलिस के पास हर साल ठगी की औसतन तीन हजार शिकायतें पहुंच रही हैं। इनमें से 60 से 70 मामलों में ही एफआईआर दर्ज हो पाती है। ज
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Cyber Crime
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
फोन पर आपको लालच देने वाला साइबर ठग हो सकता है। ठगी का यह नेटवर्क झारखंड, राजस्थान, बंगाल, बिहार और दिल्ली से चलता है। फोन कॉल करने वाला आपको बिजली कनेक्शन कटने, सामान डिलीवर करने, रमी सर्कल में इनाम पाने जैसे लालच देकर और डर दिखाकर लिंक भेजेगा। इसे आपकी उंगली का इशारा मिलते ही ठग आपका सारा पैसा उड़ा लेगा।
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यह पैसा मिनटों में झारखंड के जामताड़ा पहुंच जाएगा। क्योंकि यही ठगों का सबसे बड़ा केंद्र है। जम्मू में साइबर ठगी साल-दर-साल बढ़ रही है। कुल मामलों में से 90 फीसदी में लिंक के जरिए पैसा उड़ाया जा रहा है।
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जम्मू साइबर पुलिस के पास हर साल ठगी की औसतन तीन हजार शिकायतें पहुंच रही हैं। इनमें से 60 से 70 मामलों में ही एफआईआर दर्ज हो पाती है। जब इन मामलों की जांच आगे बढ़ती है तो पता चलता कि अलग-अलग तरीकों से लोगों को ठगने वाले झारखंड, राजस्थान, बंगाल, बिहार और दिल्ली से हैं। सबसे अधिक ठग झारखंड, राजस्थान और बंगाल में सक्रिय मिले।
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आरोपी बाहर के, पता तो मिल जाता है पर ठिकाना नहीं
साइबर पुलिस ने ढाई साल में ठगी के मामलों में 97 लाख रुपये की रिकवरी की है और 27 लोग गिरफ्तार किए हैं। पकड़े गए सभी आरोपी झारखंड, राजस्थान और बंगाल के हैं। इनके द्वारा इस्तेमाल नंबरों की जांच करने पर इनके पते भी उक्त राज्यों के निकलते हैं। चिंता की बात तो यह है कि पता लगने पर भी यह लोग पकड़ में नहीं आते।
बुजुर्ग, महिलाएं सबसे आसान शिकार
पुलिस का कहना है कि रिटायर लोग, नौकरी से असंतुष्ट, जल्द पैसा कमाने की लालसा रखने वाले और महिलाएं साइबर ठगों के आसान शिकार होते हैं। बुजुर्ग जहां बैंक फ्राॅड में फंस रहे हैं, तो वहीं युवा सोशल मीडिया फ्राॅड में। वर्ष 2021 में 34 मामले बैंक फ्राॅड के थे, जबकि 5 मामले सोशल मीडिया के। 2022 में 10 मामले सोशल मीडिया फ्राॅड और 50 बैंक फ्रॉड के और इस साल अब तक 34 मामले बैंक फ्राॅड और 4 मामले सोशल मीडिया फ्राॅड के सामने आ चुके हैं।
खातों को सुरक्षित रखना है तो इन बातों को मानें
-अनचाहे मैसेज या लिंक को न खोलें, ओटीपी शेयर न करें
- एसएमएस अलर्ट को ऑन रखें, ताकि हर ट्रांजेक्शन का अपडेट मिलता रहे
- डेबिट व क्रेडिट कार्ड के सीवीवी नंबर को मोबाइल पर ट्रांजेक्शन के समय छिपा कर रखें
- ऑनलाइन शॉपिंग में लेन-देन की अधिकतम लिमिट को कम रखें, ऑनलाइन शॉपिंग के लिए अलग खाते का उपयोग करें
- बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर को लोगों में कॉन्टैक्ट के लिए साझा न करें, बैंकिंग के लिए अलग से नंबर रखें
- किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में कोई एप डाउनलोड न करें
- ऑफर, कैशबैक या डिस्काउंट आदि के लिए कूपन कोड या अन्य लालच में न फंसें
- गूगल पर कस्टमर केयर सर्च करने की बजाय आधिकारिक वेबसाइट से नंबर लें
- ऑनलाइन ठगी और बैंकिंग संबंधित फ्रॉड होने पर जल्द से जल्द इसकी शिकायत करें
- हर एक या दो हफ्ते में अपने शॉपिंग अकाउंट का पासवर्ड बदलें