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बाजारों में होली की बनी है रौनक
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विजयपुर में पितचारी की खरीदारी करते लोग।
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सांबा। कोरोना के चलते दो वर्ष से होली का त्यौहार फीका रहा। दुकानों पर गुलाल गायब हो चुके थे। अब एक बार फिर से होली की तैयारियां चल रही हैं। कस्बे के बाजारों में गुलाल भी उपलब्ध है। दुकानदारों के अनुसार दो वर्ष से होली नहीं मनाई गई। उन्हें इस पर्व का बेसबरी से इंतजार रहता है।
दुकानदार रमेश के अनुसार दो वर्ष बाद उन्होंने गुलाल दुकान पर रखे हैं। उन्हें आस है कि होली धूमधाम से मनाई जाएगा। उसी के हिसाब से उन्होंने रंग खरीदे हैं। दुकानदार नीरज के अनुसार उन्होंने बच्चों के लिए पिचकारी खरीद रखी है। विभिन्न प्रकार की पिचकारी उनके पास उपलब्ध है। बच्चों के लिए गुब्बारे भी हैं, जिनमें रंग भर कर एक दूसरे पर फेंका जाता है। कुल मिला कर होली की तैयारियां जोरों पर हैं। दुकानों पर पिचकारी व गुलाल सजाए गए हैं।
रंगों की दुकानें सजनी शुरू हो गईं
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में होली की तैयारियां जोरों पर है। बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ गई हैं। रंगों की दुकानें सजनी शुरू हो गई हैं। दुकानों में रंगों और पिचकारियां सजने लगी हैं। दुकानदार सातपाल ने बताया कोविड के बाद दो साल बाद होली पर्व मनाया जा रहा है, जिसमें इस बार रंगों और पिचकारी की अधिक बिक्री होने की संभावना है।
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युवा मोहित शर्मा ने बताया कि कोविड के बाद होली की तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें दोस्तों और रिश्तेदार के साथ होली मनाने की योजना है। होली शांतिपूर्ण तरीके और उत्साह से मनाई जाएगी। संवाद
दो साल से फीका रहा होली का रंग
विजयपुर। होली को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। इसके चलते बाजारों में रंग, पिचकारी से दुकानें सज गई हैं। दुकानदारों ने बताया कि दो साल से कोरोना के चलते होली का रंग फीका था। इस बार काफी उत्साह देखा जा रहा है। तरह-तरह के रंग बाजार में उपलब्ध हैं। बच्चे बड़े उत्साह से पिचकारी रंग खरीद रहे हैं। बाजार में काफी रौनक देखी जा रही है। विद्यार्थियों का भी कहना है कि इस बार होली का आनंद उठाएंगे और एक दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व मनाएंगे। संवाद
होली को लेकर लोगों में उत्साह
कलर स्प्रे वाटर गन और वाटर पंप बच्चों की पहली पसंद
बाड़ी ब्राह्मणा। कस्बे में होली को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। होली को लेकर लोगों ने तैयारियां कर ली हैं। कई लोगों के घरों में रंग रोगन किया गया है। लोग सफाई पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। दूसरी ओर बाजार में रंग-बिरंगी पिचकारी मौजूद है। रंगों की दुकानों पर गुलाल महक रहा है। इस होली पर कलर, स्प्रे, वाटर गन और वाटर पंप लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है।
दुकानदारों का कहना है कि वाटर पंप और वाटर गन के मुकाबले कलर स्प्रे की मांग अधिक है। दूसरी ओर रंगों को लेकर लोग रुचि कम दिखा रहे हैं। रंग से लोग परहेज करते हैं। बच्चों में होली को लेकर काफी उत्साह है। वहीं बाहरी क्षेत्र के लोगों ने काफी तैयारियां की हैं। संवाद
होली के रंग छुड़ाने के तरीके
1. आटे का चोकर : आटे का चोकर, बेसन और हल्दी को मिक्स कर लें, गुलाब जल या पानी में इनको मिला कर चेहरे पर लगाएं और सूख जाने पर हटा लें, ऐसा करने से होली का रंग चेहरे से जल्दी साफ हो जाएगा।
2. नींबू का इस्तेमाल न करें: बहुत लोगों का ऐसा चेहरा होता है कि उन पर नींबू सूट नहीं करता है। यह उनके लिए है, या जो लगाते हैं, नींबू उनके लिए भी है। अगर आप चेहरे लगा होली का रंग हटाना चाहते हैं तो नींबू के रस का इस्तेमाल न करें। ऐसा करने से चेहरे पर रूखापन आ जाता है। चेहरे पर दाने उभर आते हैं। क्योंकि पहले से आपके चेहरे पर केमिकल रंग का प्रयोग हो चुका होता है और अगर आप उसके ऊपर से नींबू का इस्तेमाल करेंगे तो आपके चेहरे के लिए हानिकारक होगा।
3.तेल का उपयोग करें : रंग खेलने से पहले कुछ लोग चेहरे को मॉश्चराइज कर देते हैं। अगर आप चेहरे पर तेल लगा लेते हैं, और उसके बाद रंग या अबीर के साथ होली खेलते हैं, तो नहाते समय आपके चेहरे पर लगा रंग आसानी से निकल जाएगा।
4. कपड़े धोने के साबुन का प्रयोग न करें : बहुत से लोग चेहरे पर लगा रंग छुड़ाने के लिए कपड़े धोने वाले साबुन का प्रयोग शुरू कर देते हैं। रंग छुड़ाने के लिए कभी भी कपड़े धोने वाले साबुन का इस्तेमाल न करें। इससे आपका चेहरा बिगड़ सकता है और उससे सूखापन और जलन होने लगेगी।
होली के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित
जम्मू। इनर व्हील क्लब की तरफ से सचिव मनीषा शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को होली मनाई गई। इसमें क्लब के सदस्यों सहित कई महिलाएं भी शामिल हुईं। होली के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सभी सदस्यों के साथ होली मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने होली खेलने के साथ होली के गीत गाकर रंगों के इस पर्व पर प्यार का प्रतीक पर्व होने पर अपने गिले शिकवे मिटाकर रंगों के पर्व को हर्षोल्लास से मनाने के लिए कहा। क्लब की सचिव ने कहा कि होली मिलन को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दो वर्ष के दौरान कोरोना के चलते रंगों का पर्व फीका रहा। अब कोरोना पर नियंत्रण होने पर क्लब की ओर से वजलता में होली मनाई गई। इस दौरान क्लब के सदस्यों सहित क्षेत्र की कई महिलाएं भी शामिल रहीं। संवाद
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दुकानदार रमेश के अनुसार दो वर्ष बाद उन्होंने गुलाल दुकान पर रखे हैं। उन्हें आस है कि होली धूमधाम से मनाई जाएगा। उसी के हिसाब से उन्होंने रंग खरीदे हैं। दुकानदार नीरज के अनुसार उन्होंने बच्चों के लिए पिचकारी खरीद रखी है। विभिन्न प्रकार की पिचकारी उनके पास उपलब्ध है। बच्चों के लिए गुब्बारे भी हैं, जिनमें रंग भर कर एक दूसरे पर फेंका जाता है। कुल मिला कर होली की तैयारियां जोरों पर हैं। दुकानों पर पिचकारी व गुलाल सजाए गए हैं।
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रंगों की दुकानें सजनी शुरू हो गईं
अखनूर। सीमावर्ती क्षेत्र में होली की तैयारियां जोरों पर है। बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ गई हैं। रंगों की दुकानें सजनी शुरू हो गई हैं। दुकानों में रंगों और पिचकारियां सजने लगी हैं। दुकानदार सातपाल ने बताया कोविड के बाद दो साल बाद होली पर्व मनाया जा रहा है, जिसमें इस बार रंगों और पिचकारी की अधिक बिक्री होने की संभावना है।
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युवा मोहित शर्मा ने बताया कि कोविड के बाद होली की तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें दोस्तों और रिश्तेदार के साथ होली मनाने की योजना है। होली शांतिपूर्ण तरीके और उत्साह से मनाई जाएगी। संवाद
दो साल से फीका रहा होली का रंग
विजयपुर। होली को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। इसके चलते बाजारों में रंग, पिचकारी से दुकानें सज गई हैं। दुकानदारों ने बताया कि दो साल से कोरोना के चलते होली का रंग फीका था। इस बार काफी उत्साह देखा जा रहा है। तरह-तरह के रंग बाजार में उपलब्ध हैं। बच्चे बड़े उत्साह से पिचकारी रंग खरीद रहे हैं। बाजार में काफी रौनक देखी जा रही है। विद्यार्थियों का भी कहना है कि इस बार होली का आनंद उठाएंगे और एक दूसरे को गुलाल लगाकर पर्व मनाएंगे। संवाद
होली को लेकर लोगों में उत्साह
कलर स्प्रे वाटर गन और वाटर पंप बच्चों की पहली पसंद
बाड़ी ब्राह्मणा। कस्बे में होली को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। होली को लेकर लोगों ने तैयारियां कर ली हैं। कई लोगों के घरों में रंग रोगन किया गया है। लोग सफाई पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। दूसरी ओर बाजार में रंग-बिरंगी पिचकारी मौजूद है। रंगों की दुकानों पर गुलाल महक रहा है। इस होली पर कलर, स्प्रे, वाटर गन और वाटर पंप लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है।
दुकानदारों का कहना है कि वाटर पंप और वाटर गन के मुकाबले कलर स्प्रे की मांग अधिक है। दूसरी ओर रंगों को लेकर लोग रुचि कम दिखा रहे हैं। रंग से लोग परहेज करते हैं। बच्चों में होली को लेकर काफी उत्साह है। वहीं बाहरी क्षेत्र के लोगों ने काफी तैयारियां की हैं। संवाद
होली के रंग छुड़ाने के तरीके
1. आटे का चोकर : आटे का चोकर, बेसन और हल्दी को मिक्स कर लें, गुलाब जल या पानी में इनको मिला कर चेहरे पर लगाएं और सूख जाने पर हटा लें, ऐसा करने से होली का रंग चेहरे से जल्दी साफ हो जाएगा।
2. नींबू का इस्तेमाल न करें: बहुत लोगों का ऐसा चेहरा होता है कि उन पर नींबू सूट नहीं करता है। यह उनके लिए है, या जो लगाते हैं, नींबू उनके लिए भी है। अगर आप चेहरे लगा होली का रंग हटाना चाहते हैं तो नींबू के रस का इस्तेमाल न करें। ऐसा करने से चेहरे पर रूखापन आ जाता है। चेहरे पर दाने उभर आते हैं। क्योंकि पहले से आपके चेहरे पर केमिकल रंग का प्रयोग हो चुका होता है और अगर आप उसके ऊपर से नींबू का इस्तेमाल करेंगे तो आपके चेहरे के लिए हानिकारक होगा।
3.तेल का उपयोग करें : रंग खेलने से पहले कुछ लोग चेहरे को मॉश्चराइज कर देते हैं। अगर आप चेहरे पर तेल लगा लेते हैं, और उसके बाद रंग या अबीर के साथ होली खेलते हैं, तो नहाते समय आपके चेहरे पर लगा रंग आसानी से निकल जाएगा।
4. कपड़े धोने के साबुन का प्रयोग न करें : बहुत से लोग चेहरे पर लगा रंग छुड़ाने के लिए कपड़े धोने वाले साबुन का प्रयोग शुरू कर देते हैं। रंग छुड़ाने के लिए कभी भी कपड़े धोने वाले साबुन का इस्तेमाल न करें। इससे आपका चेहरा बिगड़ सकता है और उससे सूखापन और जलन होने लगेगी।
होली के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित
जम्मू। इनर व्हील क्लब की तरफ से सचिव मनीषा शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को होली मनाई गई। इसमें क्लब के सदस्यों सहित कई महिलाएं भी शामिल हुईं। होली के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान सभी सदस्यों के साथ होली मनाई गई। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने होली खेलने के साथ होली के गीत गाकर रंगों के इस पर्व पर प्यार का प्रतीक पर्व होने पर अपने गिले शिकवे मिटाकर रंगों के पर्व को हर्षोल्लास से मनाने के लिए कहा। क्लब की सचिव ने कहा कि होली मिलन को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दो वर्ष के दौरान कोरोना के चलते रंगों का पर्व फीका रहा। अब कोरोना पर नियंत्रण होने पर क्लब की ओर से वजलता में होली मनाई गई। इस दौरान क्लब के सदस्यों सहित क्षेत्र की कई महिलाएं भी शामिल रहीं। संवाद