'मैंने कुछ नहीं छिपाया': अधिकारियों को पहले ही दी थी जानकारी; पाकिस्तानी पत्नी को लेकर जवान ने दी सफाई
सीआरपीएफ से बर्खास्त जवान मुनीर अहमद ने दावा किया है कि उसने पाकिस्तानी लड़की मीनल से अपनी शादी की पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों को समय रहते दी थी। प्रेस वार्ता में मुनीर ने बर्खास्तगी को अन्याय बताते हुए पीएम और गृहमंत्री से न्याय की गुहार लगाई।
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पाकिस्तानी लड़की मीनल से निकाह की बात छिपाने पर बर्खास्त सीआरपीएफ जवान मुनीर अहमद ने दावा किया है कि अपनी शादी की जानकारी उन्होंने पत्र के माध्यम से उच्च अधिकारियों को दी थी। रविवार को जम्मू में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने अपनी बर्खास्तगी को न्यायालय में चुनौती देने की बात कही। साथ ही प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से इंसाफ की मांग भी की।
बचपन में ही तय हुआ था मुनीर और मीनल का रिश्ता
मुनीर ने कहा, मीनल का परिवार 1947 से पहले जम्मू के तहसील भलवाल के गांव हंडवा में रहता था। विभाजन के बाद उसका परिवार सियालकोट चला गया। हालांकि, परिवार ने बचपन में ही हमारी शादी तय कर दी थी। वह मेरी ममेरी बहन है। 2017 में मैंने सीआरपीएफ जॉइन किया।
अधिकारियों से शादी की अनुमति ली और मुख्यालय को सूचित भी किया। इस संबंध में 31 दिसंबर 2022 को पत्र लिखा। कुछ चीजों पर आपत्ति आई और 24 जनवरी 2023 को दोबारा पत्र भेजा। उस पत्र में शादी का कार्ड और अन्य सभी जानकारी थी।
शादी की जानकारी 72 बटालियन को भी दी गई
मुनीर ने कहा कि शादी की अनुमति की जानकारी सुंदरबनी में 72 सीआरपीएफ बटालियन को भी दी थी। बटालियन के कमांडेंट से मुलाकात भी की थी। उनका पत्र उचित चैनलों के माध्यम से जम्मू सेक्टर सीआरपीएफ, एसडीजी और फिर सीआरपीएफ के दिल्ली मुख्यालय भेजा गया था। करीब पांच महीने बाद जवाब मिला था।
सीआरपीएफ रिकॉर्ड में पाकिस्तानी पत्नी का पंजीकरण
मुनीर ने पत्र दिखाते हुए दावा किया कि पत्र में उल्लेख है कि उन्होंने शादी के बारे में पहले ही सूचित किया था। उन्होंने सीआरपीएफ कार्यालय के रिकॉर्ड की प्रतियां भी दिखाईं, जहां उनकी पत्नी मीनल खान को पाकिस्तानी नागरिक के रूप में पंजीकृत किया गया है। जम्मू सेक्टर के सीआरपीएफ के महानिरीक्षक को भेजा गया पत्र भी दिखाया, जिसमें उन्होंने पाकिस्तानी महिला से शादी करने के लिए अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करने का अनुरोध किया था।
शनिवार को सीआरपीएफ ने घर आकर नोटिस थमाया, मुनीर ने किया विरोध
उन्होंने कहा कि शनिवार को सीआरपीएफ के 41 बटालियन और जम्मू आईजी सेक्टर से तीन से पांच लोग घर आए और नोटिस थमा दिया। इसमें लिखा था कि पत्नी को वीजा की अवधि खत्म होने के बावजूद अवैध रूप से रखा है, जबकि मैंने पहले ही अपनी बटालियन को बताया था कि मीनल दीर्घावधि वीजा तहत यहां रह रही है।
24 मई 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई मुनीर और मीनल की शादी
मुनीर ने कहा कि मीनल से उनकी शादी 24 मई 2024 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुई थी। उन्होंने कहा कि उनके पिता की बीमारी के चलते शादी रुक गई थी। वीजा लेने में भी परेशानी हुई। इसी कारण परिवारों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये शादी कराने का फैसला किया।
जवान ने दावा किया जम्मू-कश्मीर में सेवा करने का कार्यकाल 2027 में पूरा होना था, लेकिन उससे पहले ही तबादला कर दिया गया था। उन्होंने कहा, मैंने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके में सेवा की थी। उसके बाद ही मुझे जम्मू-कश्मीर भेजा गया था।
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