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जल संकट के बीच अन्य विभागों के कर्मी भी हड़ताल पर
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जम्मू। जल संकट के बीच अब सड़कों की मरम्मत और बिजली का कार्य भी प्रभावित होगा। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों के साथ अब अन्य विभागों के अस्थायी कर्मियों ने भी मांगों को लेकर सोमवार से 72 घंटे की हड़ताल का एलान कर दिया है। आल डिपार्टमेंट केजुअल लेबर फ्रंट के आह्वान पर कर्मियों ने कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया। कुछ कर्मियों ने अर्धनग्न होकर रोष जताया। हड़ताल में लोक निर्माण, आरएंडबी, एस्टेट, शिक्षा, बिजली और स्वास्थ्य विभाग के अस्थायी कर्मी शामिल होंगे। बता दें, शहर के कई इलाकों में बारिश से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम चल रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अस्थायी कर्मियों को 225 रुपये दिहाड़ी मिल रही है जबकि नियमित कर्मचारियों को हर माह करीब पचास हजार रुपये वेतन मिल रहा है। उनसे एक सामान काम लिया जा रहा है मगर वेतन कम दिया जा रहा है। कुछ विभागों में वेतन रोका भी गया है। इस कारण भी कर्मचारी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द से जल्द मांगों को हल नहीं किया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। आल डिपार्टमेंट कैजुअल लेबर फ्रंट के चेयरमैन सतीश शर्मा ने कहा कि 72 घंटे के लिए हड़ताल शुरू की जा रही है। मांगाें का हल नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों की मांगों को अनसुना किया जा रहा है।
कश्मीर के कर्मचारी हड़ताल से अभी दूर
कश्मीर घाटी में हड़ताल शुरू करने के लिए अभी तक रणनीति नहीं बन पाई है। यहां पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी मगर रविवार को कोई फैसला नहीं किया गया। सभी विभागों के कर्मचारी जम्मू संभाग में ही हड़ताल पर रहेंगे।
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यह हैं मांगें
- अस्थायी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- लंबित वेतनमान जारी किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान लागू किया जाए।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अस्थायी कर्मियों को 225 रुपये दिहाड़ी मिल रही है जबकि नियमित कर्मचारियों को हर माह करीब पचास हजार रुपये वेतन मिल रहा है। उनसे एक सामान काम लिया जा रहा है मगर वेतन कम दिया जा रहा है। कुछ विभागों में वेतन रोका भी गया है। इस कारण भी कर्मचारी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द से जल्द मांगों को हल नहीं किया तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। आल डिपार्टमेंट कैजुअल लेबर फ्रंट के चेयरमैन सतीश शर्मा ने कहा कि 72 घंटे के लिए हड़ताल शुरू की जा रही है। मांगाें का हल नहीं हो पा रहा है। कर्मचारियों की मांगों को अनसुना किया जा रहा है।
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कश्मीर के कर्मचारी हड़ताल से अभी दूर
कश्मीर घाटी में हड़ताल शुरू करने के लिए अभी तक रणनीति नहीं बन पाई है। यहां पर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता कर हड़ताल पर जाने की घोषणा की थी मगर रविवार को कोई फैसला नहीं किया गया। सभी विभागों के कर्मचारी जम्मू संभाग में ही हड़ताल पर रहेंगे।
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यह हैं मांगें
- अस्थायी कर्मचारियों को पक्का किया जाए।
- लंबित वेतनमान जारी किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान लागू किया जाए।